logo logo
logo logo

Contact Information

Branch office: - Shop 10 38/4A Basement, block Samriddhi building, near balaji juice, J&k bank and Yes bank, Sanjay Palace, Sanjay Place, Civil Lines, Agra, Uttar Pradesh 282002

Call: +91 6399 505 060

agratrends@gmail.com
Trending in Agra

यूपी: अब यमुना में नहीं पहुंचेगा प्लास्टिक कचरा! नाले पर लगाई ऑटोमैटिक मशीन, जानें कैसे करेगी काम

आगरा नगर निगम ने यमुना नदी में प्लास्टिक कचरा रोकने के लिए मंटोला नाले पर ऑटोमैटिक ट्रैश स्किमर का ट्रायल शुरू किया है। फ्लोटिंग बैरियर और मशीन के जरिए कचरा निकालकर रीसाइकिल सेंटर भेजा जाएगा।


  • November 06, 2026
  • 1 minute
  • 10 Views
Image

आगरा। यमुना नदी को प्लास्टिक और ठोस कचरे से बचाने के लिए आगरा नगर निगम ने नई पहल शुरू की है। नदी में नालों के माध्यम से पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे को रोकने के लिए मंटोला नाले पर ऑटोमैटिक ट्रैश स्किमर मशीन का ट्रायल शुरू किया गया है। इस तकनीक के जरिए कचरे को यमुना में पहुंचने से पहले ही रोककर बाहर निकाला जाएगा। इसके बाद एकत्रित कचरे को रीसाइकिल सेंटर या मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर भेजा जाएगा।

नगर निगम की योजना के तहत मंटोला नाले के साथ ताजमहल पूर्वी गेट के पास स्थित नाले पर भी यह मशीन लगाई जाएगी। इन दोनों नालों के जरिए यमुना में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा पहुंचने की समस्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

फ्लोटिंग बैरियर रोकेगा प्लास्टिक कचरा

ट्रैश स्किमर मशीन की कार्यप्रणाली के तहत नाले के मुहाने पर फ्लोटिंग बैरियर लगाया गया है। यह बैरियर पानी के प्रवाह को रोके बिना ऊपर तैरने वाले प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरे को एक तरफ इकट्ठा करेगा। इसके बाद ऑटोमैटिक मशीन इस कचरे को उठाकर नाले के किनारे बाहर निकाल देगी।

यहां से कचरे को कन्वेयर बेल्ट या कर्मचारियों की मदद से हटाया जाएगा। इसके बाद प्लास्टिक कचरे को छांटकर रीसाइकिल सेंटर भेजा जाएगा। इससे नाले के रास्ते यमुना नदी में पहुंचने वाले ठोस कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मंटोला के बाद ताजमहल पूर्वी गेट नाले पर लगेगी मशीन

नगर निगम के पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि फिलहाल सबसे पहले मंटोला नाले पर ट्रैश स्किमर मशीन का ट्रायल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यमुना में पहुंचने वाले प्लास्टिक और ठोस कचरे को नदी में मिलने से पहले ही रोकना है।

मंटोला नाले पर ट्रायल सफल होने के बाद ताजमहल पूर्वी गेट के पास स्थित नाले पर भी यह मशीन लगाई जाएगी। नगर निगम को उम्मीद है कि दोनों स्थानों पर व्यवस्था लागू होने से ताजमहल के पीछे यमुना नदी में पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।

चार साल पहले लगाया गया बबल कर्टेन हुआ था फेल

यमुना में प्लास्टिक कचरे को रोकने के लिए नगर निगम इससे पहले भी प्रयोग कर चुका है। वर्ष 2022 में मंटोला नाले पर सोलर पावर से चलने वाला बबल कर्टेन लगाया गया था। उस समय इस तकनीक के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा निकालने के दावे किए गए थे।

हालांकि, यह तकनीक उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो सकी और ट्रायल के दौरान ही इसकी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए थे। अब नगर निगम ने ऑटोमैटिक ट्रैश स्किमर के जरिए नई तकनीक अपनाई है।

इस बार सबसे बड़ी चुनौती मशीन को नियमित रूप से संचालित रखने और निकाले गए कचरे का उचित निस्तारण करने की होगी। यदि ट्रैश स्किमर सफल रहता है तो यमुना नदी को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने की दिशा में आगरा के लिए यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।


Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *