दिल्ली में चलती बस में दुष्कर्म: 23 दिन में 9 चालान, फिरोजाबाद में रजिस्टर्ड थी बस
दिल्ली किशोरी दुष्कर्म मामले में जब्त बस फिरोजाबाद में पंजीकृत थी। 23 दिन में 9 चालान हुए, इनमें 8 ओवरस्पीडिंग के और 56 हजार रुपये बकाया थे।
आगरा। दिल्ली में किशोरी से दुष्कर्म की घटना में जब्त की गई स्लीपर बस को लेकर जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। बस का चालक लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहा था। उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार, महज 23 दिनों के भीतर बस के नौ चालान हुए। इनमें से आठ चालान ओवरस्पीडिंग के बताए गए हैं। खास बात यह है कि जुलाई में हुए चालानों की करीब 56 हजार रुपये की राशि बकाया थी और उनका भुगतान नहीं किया गया था।
फिरोजाबाद RTO में पंजीकृत थी बस
दिल्ली में मैनपुरी की किशोरी से दुष्कर्म की घटना में इस्तेमाल की गई बस का नंबर UP 83 ET 3789 बताया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार, इस बस का पंजीकरण 28 अप्रैल 2026 को फिरोजाबाद आरटीओ कार्यालय से हुआ था।
बस के ऑनलाइन ट्रैफिक रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि करीब 11 महीने के रिकॉर्ड में बस से कई बार यातायात नियमों का उल्लंघन हुआ। इनमें ज्यादातर मामले तेज रफ्तार से वाहन चलाने से जुड़े रहे।
12 मई से शुरू हुआ चालानों का सिलसिला
रिकॉर्ड के अनुसार, 12 मई को यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 72 और एक अन्य स्थान पर बस के दो चालान हुए। दोनों मामलों में चार-चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसके बाद 23 जून को नोएडा के सेक्टर-168 में बिना इंडिकेटर लेन बदलने के मामले में बस का चालान किया गया।
फिर 1 जुलाई को यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 72 पर ओवरस्पीडिंग का चार हजार रुपये का चालान हुआ। इसके अगले दिन 3 जुलाई को एत्मादपुर के गढ़ी रामी क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार के मामले में कार्रवाई हुई।
जुलाई में लगातार ओवरस्पीडिंग
बस के खिलाफ जुलाई में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का सिलसिला लगातार जारी रहा। 4 जुलाई को यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 72 पर ओवरस्पीडिंग के मामले में चार हजार रुपये का चालान किया गया।
इसके बाद 5 जुलाई और 6 जुलाई को भी इसी स्थान पर तेज रफ्तार के चलते चालान हुआ। 8 जुलाई को हमीरपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 26 हजार रुपये का चालान किया गया।
इसके बाद 11 जुलाई को यमुना एक्सप्रेसवे और 15 जुलाई को दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास ओवरस्पीडिंग के मामले में चालान किया गया।
23 जुलाई को भी बस का ओवरस्पीडिंग में चालान हुआ। इस तरह जुलाई महीने में ही बस पर करीब 56 हजार रुपये के चालान दर्ज हो गए।
तीन पुराने चालानों का हुआ भुगतान
रिकॉर्ड के मुताबिक, मई और जून में हुए तीन चालानों का भुगतान कर दिया गया था। हालांकि, जुलाई में हुए चालानों की करीब 56 हजार रुपये की राशि बकाया रही और उसका भुगतान नहीं किया गया।
लगातार ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के बावजूद बस का संचालन जारी रहना अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। दुष्कर्म की घटना के बाद बस को जब्त कर लिया गया है और पुलिस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है।
बस के संचालन और निगरानी पर सवाल
एक ही बस के खिलाफ कम समय में बार-बार चालान होने और इनमें अधिकांश मामलों के ओवरस्पीडिंग से जुड़े होने से बस संचालन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। खासकर लंबी दूरी की स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा और ड्राइवरों की निगरानी को लेकर यह मामला गंभीर चिंता पैदा करता है।
फिलहाल पुलिस दुष्कर्म के मामले की जांच कर रही है। बस के ट्रैफिक रिकॉर्ड से सामने आई जानकारी जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य के रूप में देखी जा सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।