आगरा में बारिश बनी आफत: 14 फीट गहरे सीवर के गड्ढे में पांच सवारियों से भरा ऑटो डूबा, दो लोगों ने बचाई चार की जान
आगरा के पीलाखार में बारिश के जलभराव के बीच पांच सवारियों से भरा ऑटो 14 फीट गहरे सीवर के गड्ढे में पलटकर डूब गया। हाइड्रा चालक और फैक्टरी चौकीदार ने जान जोखिम में डालकर चार लोगों को बचाया।
आगरा। बारिश के बाद सड़क पर हुए जलभराव के बीच एत्माद्दौला क्षेत्र के पीलाखार में शुक्रवार शाम बड़ा हादसा हो गया। पानी से भरी सड़क पर पांच सवारियों से भरा एक ऑटो अचानक करीब 14 फीट गहरे सीवर लाइन के गड्ढे में पलटकर डूब गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे हाइड्रा चालक योगेश यादव और फैक्टरी चौकीदार राजेंद्र वर्मा ने बिना देर किए पानी में छलांग लगा दी। दोनों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ऑटो में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है।
पानी में दिखाई नहीं दिया 14 फीट गहरा गड्ढा
घटना शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे की है। ऑटो चालक रामबाग की ओर सवारियां लेकर जा रहा था। प्रकाश नगर रेलवे अंडरपास में जलभराव होने के कारण चालक ने रास्ता बदलकर पीलाखार की तरफ ऑटो मोड़ दिया।
नगला बिहारी में रेलवे पुल के पास सड़क पर बारिश का पानी भरा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां करीब एक साल पहले सीवर लाइन डालने के लिए गड्ढा खोदा गया था। बताया गया कि गड्ढा करीब 10 फीट चौड़ा और 14 फीट गहरा था। पानी भर जाने के कारण सड़क और गड्ढे के बीच का अंतर दिखाई नहीं दे रहा था।
जैसे ही ऑटो चालक पानी के बीच से वाहन निकालने लगा, ऑटो अचानक गड्ढे में पलट गया और सवारियों समेत पानी में डूब गया।
दो राहगीरों ने जान की परवाह किए बिना शुरू किया रेस्क्यू
हादसा देखकर आसपास मौजूद लोग मौके की तरफ दौड़े। इसी दौरान नगला बिहारी निवासी हाइड्रा चालक योगेश यादव और फैक्टरी चौकीदार राजेंद्र वर्मा भी वहां पहुंचे।
योगेश ने तुरंत हाइड्रा रोका और गड्ढे में उतर गए। उन्होंने सबसे पहले ऑटो चालक को बाहर निकाला। इसके बाद राजेंद्र की मदद से एक बुजुर्ग और एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
ऑटो में दो सहेलियां भी सवार थीं। इनमें से एक युवती झाड़ियों को पकड़कर खुद बाहर निकल आई, जबकि दूसरी पानी में डूब गई थी। योगेश और राजेंद्र ने करीब पांच मिनट तक गड्ढे में तलाश की, जिसके बाद छात्रा को बाहर निकाला गया।
डूबती छात्रा को दिया सीपीआर, हाइड्रा से पहुंचाया अस्पताल
बेलनगंज निवासी 23 वर्षीय सोनिया और प्रकाश नगर निवासी राधा फाउंड्री नगर की लाइब्रेरी से पढ़कर लौट रही थीं। हादसे के दौरान राधा गड्ढे के किनारे की झाड़ियों को पकड़कर बाहर निकल आई, लेकिन सोनिया पानी में डूब गई।
सोनिया को बाहर निकालने के बाद उसकी सांसें चल रही थीं। योगेश यादव को सीपीआर देने की जानकारी थी, इसलिए उन्होंने मौके पर ही सोनिया को सीपीआर दिया। घटनास्थल पर तत्काल कोई दूसरा वाहन उपलब्ध नहीं था, ऐसे में उसे हाइड्रा की मदद से निजी अस्पताल पहुंचाया गया। छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है।
ऑटो चालक समेत दो अन्य लोग प्राथमिक उपचार की जरूरत न होने पर वहां से चले गए। पुलिस उनकी जानकारी जुटा रही है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी और पुलिस
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, एसडीएम एत्मादपुर सुमित सिंह, एडीसीपी हिमांशु गौरव और एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा समेत ट्रांस यमुना और एत्माद्दौला थाने की पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव के अनुसार, सड़क पर बारिश का पानी भरा होने के कारण ऑटो गड्ढे में पलट गया था। पांच लोग पानी में डूब रहे थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। एक युवती का अस्पताल में उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि तहरीर मिलने पर मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सीवर लाइन के काम के लिए खोदा गया था गड्ढा
पीलाखार क्षेत्र में 35 एमएलडी एसटीपी के लिए सीवर लाइन डालने का काम ट्रेंचलेस विधि से किया जा रहा था। इसी कार्य के लिए गड्ढा खोदा गया था। जल निगम की ग्रामीण शाखा की ओर से विश्वराज एनवायरमेंट कंपनी यह काम करा रही है।
जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरपी सिंह ने बताया कि करीब 30 मीटर पाइप डालने का काम बाकी था। उनके अनुसार, गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग और डायवर्जन बोर्ड लगाया गया था। गार्ड ने बताया कि ऑटो चालक को आगे जाने से रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह आगे चला गया।
बारिश के कारण अंडरपास और सड़क पर पानी भर जाने से गड्ढा दिखाई नहीं दिया। घटना के बाद जल निगम की ओर से संबंधित कंपनी विश्वराज एनवायरमेंट से जवाब-तलब किया गया है।
बड़ा सवाल: जलभराव के बीच सुरक्षा इंतजाम क्यों नाकाफी रहे?
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि बारिश के दौरान खुले निर्माण कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि सड़क पर पानी भरने के बाद गड्ढा दिखाई नहीं दे रहा था, तो वहां अतिरिक्त बैरिकेडिंग, रोशनी और सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई—यह जांच का अहम विषय है।
फिलहाल दो राहगीरों की सूझबूझ और साहस से चार लोगों की जान बच गई, लेकिन गंभीर रूप से घायल छात्रा की हालत ने हादसे को बेहद चिंताजनक बना दिया है।