एसएन में डायलिसिस के लिए लंबी वेटिंग: चार शिफ्टों के बाद भी सभी स्लॉट फुल, 90 से अधिक मरीज कतार में
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में चार शिफ्टों के बावजूद डायलिसिस के सभी स्लॉट फुल हैं। 90 से अधिक मरीज वेटिंग में हैं और नए मरीजों को तारीख दी जा रही है।
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस कराने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चार शिफ्टों में डायलिसिस संचालित होने के बावजूद सभी स्लॉट फुल हैं। वर्तमान में 90 से अधिक मरीज वेटिंग लिस्ट में हैं। नए मरीजों को स्लॉट खाली होने तक इंतजार करना पड़ रहा है और उन्हें आगामी तारीख दी जा रही है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध होने के कारण आगरा के साथ-साथ आसपास के कई जिलों से भी मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते डायलिसिस यूनिट पर लगातार दबाव बना हुआ है।
20 मशीनों से हो रही डायलिसिस
एसएन मेडिकल कॉलेज में कुल 20 डायलिसिस मशीनें संचालित हैं। इनमें से 16 मशीनें डायलिसिस यूनिट में लगी हैं, जबकि आईसीयू और एचडीयू में भी मशीनों की व्यवस्था है। राशन कार्ड के आधार पर पात्र मरीजों को डायलिसिस के साथ दवाएं भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
डायलिसिस के लिए रोजाना करीब 10 से 15 नए मरीज पहुंच रहे हैं। चार शिफ्टों में डायलिसिस होने के बावजूद सभी स्लॉट पहले से भरे हुए हैं। किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन के अनुसार, रोजाना औसतन 60 से 70 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है।
गंभीर मरीजों की रात में भी डायलिसिस
मरीजों की संख्या को देखते हुए गंभीर मरीजों के लिए रात में भी डायलिसिस की जा रही है। नए मरीजों का नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद उन्हें स्लॉट खाली होने तक इंतजार करने के लिए कहा जाता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि डायलिसिस और दवाओं की निशुल्क सुविधा होने के कारण कई जिलों से मरीज यहां पहुंच रहे हैं। इसी वजह से मौजूदा क्षमता पर काफी दबाव है।
उन्होंने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई डायलिसिस मशीनें खरीदने के साथ-साथ 100 बेड की नई यूनिट तैयार करने का प्रस्ताव भी बनाया जा रहा है।
छह मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति
एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू हो चुकी है। ट्रांसप्लांट के लिए सात मरीजों की फाइल तैयार की गई है। इनकी चिकित्सकीय जांच पूरी होने के साथ कानूनी अनुमति की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
इसी महीने के अंत में एसजीपीजीआई लखनऊ की टीम एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में शामिल होगी। इस दौरान दो मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट की उम्मीद है। एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा पिछले महीने शुरू हुई थी।
डायलिसिस की बढ़ती मांग और मरीजों की लंबी वेटिंग को देखते हुए नई मशीनों और प्रस्तावित 100 बेड की यूनिट से भविष्य में अधिक मरीजों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।