Ganesh Chaturthi 2026: आगरा में विराजे 25 फीट ऊंचे और 6.7 टन वजनी गणपति, भव्य प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
आगरा में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ गणेशोत्सव शुरू हो गया। कमला नगर में 25 फीट ऊंचे और 6.7 टन वजनी गणपति की स्थापना की गई है।
आगरा। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से सोमवार को आगरा में गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई। गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहरभर में घरों, दुकानों और विभिन्न पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विधि-विधान से स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने गणपति की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
इस बार कमला नगर में स्थापित 25 फीट ऊंचे और करीब 6.7 टन वजनी गणपति विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विशाल प्रतिमा को देखने और दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। यहां गणेशोत्सव करीब 11 दिनों तक चलेगा और इस दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कमला नगर के विशाल गणपति बने आकर्षण
आगरा में हर वर्ष गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहता है। इस बार कमला नगर में स्थापित विशाल गणपति की प्रतिमा चर्चा का विषय बनी हुई है। 25 फीट ऊंची और 6.7 टन वजनी प्रतिमा श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही है।
गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा की जाएगी। इसके साथ ही दिन में तीन बार आरती का आयोजन होगा। 11 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
घरों और प्रतिष्ठानों में विराजे गणपति
गणेश चतुर्थी पर सुबह से ही शहर के बाजारों और प्रमुख क्षेत्रों में गणेश प्रतिमाएं ले जाने का सिलसिला देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने अपनी पसंद के अनुसार छोटी-बड़ी और आकर्षक प्रतिमाएं खरीदीं।
कई लोगों ने अपने घरों में भगवान गणेश की स्थापना की, जबकि दुकानदारों और व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों और पंडालों में गणपति को विराजमान किया। स्थापना के दौरान श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ गणपति बप्पा का स्वागत किया।
स्थापना के लिए शुभ रहा मध्याह्न का समय
ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रेश कौशिक के अनुसार भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में माना जाता है। इसी वजह से गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न के समय भगवान गणेश की स्थापना और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
इस बार चतुर्थी तिथि सोमवार सुबह 7:06 बजे से शुरू होकर मंगलवार सुबह 7:44 बजे तक रही। गणेश प्रतिमा की स्थापना के लिए सुबह 10:59 बजे से दोपहर 1:27 बजे तक का समय शुभ माना गया।
बैठी मुद्रा के गणेश घर में माने जाते हैं शुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में भगवान गणेश की बैठी हुई मुद्रा की प्रतिमा स्थापित करना शुभ माना जाता है। वहीं दुकान, कार्यालय या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में खड़ी मुद्रा में भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा है।
श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की स्थापना कर पूजा-अर्चना की और गणेशोत्सव की शुरुआत की।
11 दिनों तक भक्ति और उत्सव का माहौल
आगरा में गणेशोत्सव के दौरान अगले 11 दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का माहौल रहेगा। पंडालों में प्रतिदिन पूजा और आरती के साथ श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन करेंगे।
गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुआ यह उत्सव श्रद्धालुओं के लिए आस्था और उत्साह का अवसर है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सजे गणेश पंडालों से आगरा में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है।