आगरा मेट्रो का विस्तार: शहर से देहात तक पहुंचेगी ट्रेन, इन इलाकों को मिलेगा बड़ा फायदा
आगरा मेट्रो के विस्तार का बड़ा खाका तैयार है। 80.79 किमी के नए नेटवर्क में 9 कॉरिडोर शामिल हैं, जो एयरपोर्ट, बाहरी क्षेत्रों और शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ेंगे।
आगरा। ताजनगरी में मेट्रो नेटवर्क को और व्यापक बनाने की तैयारी है। शहर में बढ़ती आबादी, यातायात के दबाव और भविष्य की परिवहन जरूरतों को देखते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने आगरा मेट्रो के विस्तार का बड़ा खाका तैयार किया है। प्रस्तावित योजना के तहत शहर में नौ नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
इन सभी प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई 80.79 किलोमीटर होगी। खास बात यह है कि इस नेटवर्क में शहर के प्रमुख क्षेत्रों के साथ-साथ बाहरी इलाकों और एयरपोर्ट को भी मेट्रो कनेक्टिविटी देने की योजना शामिल है।
80.79 किलोमीटर का होगा नया मेट्रो नेटवर्क
प्रस्तावित आगरा मेट्रो विस्तार में कुल 80.79 किलोमीटर का नया नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसमें करीब 74.19 किलोमीटर एलिवेटेड और 6.60 किलोमीटर भूमिगत मार्ग होगा।
इस विस्तार के बाद मेट्रो की पहुंच शहर के आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्रों तक और बेहतर होने की उम्मीद है। इससे सड़क यातायात पर दबाव कम करने और लोगों को तेज सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
एयरपोर्ट तक पहुंचेगी मेट्रो
आगरा मेट्रो विस्तार की योजना में एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को विशेष महत्व दिया गया है। प्रस्तावित नेटवर्क में सदर बाजार से एयरपोर्ट और एयरपोर्ट से मलपुरा तक मेट्रो कॉरिडोर शामिल हैं।
इसके अलावा आगरा कैंट से धनौली सिविल एन्क्लेव को जोड़ने की योजना भी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एयरपोर्ट तक मेट्रो पहुंचने से शहर और हवाई अड्डे के बीच सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर हो सकती है।
इन 9 रूटों पर प्रस्तावित है मेट्रो
UPMRC के प्रस्तावित विस्तार में कुल नौ कॉरिडोर शामिल किए गए हैं। इनकी लंबाई और प्रमुख रूट इस प्रकार हैं:
- बिचपुरी रेलवे स्टेशन से दयालबाग-कमला नगर – 15.40 किलोमीटर, जिसमें 6.60 किलोमीटर भूमिगत मार्ग शामिल है।
- अरतौनी से रोहता – 19.50 किलोमीटर।
- सिकंदरा से रुनकता – 8.92 किलोमीटर।
- रामबाग से यमुना एक्सप्रेसवे – 7.90 किलोमीटर।
- सदर बाजार से एयरपोर्ट – 7.50 किलोमीटर।
- सदर बाजार से आगरा कैंट पावर ग्रिड – 6.70 किलोमीटर।
- बमरौली से ताज ईस्ट गेट – 6.31 किलोमीटर।
- एयरपोर्ट से मलपुरा – 6.20 किलोमीटर।
- कालिंदी विहार से छलेसर – 2.36 किलोमीटर।
देहात और बाहरी क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा
प्रस्तावित कॉरिडोर केवल शहर के अंदरूनी हिस्सों तक सीमित नहीं हैं। अरतौनी, रोहता, रुनकता, मलपुरा, छलेसर और यमुना एक्सप्रेसवे की दिशा में मेट्रो नेटवर्क पहुंचने से आगरा के बाहरी और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है।
इससे इन क्षेत्रों से शहर में आने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ सकते हैं।
अभी राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार
UPMRC के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्र के अनुसार, प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए आगे की प्रक्रिया राज्य सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद बढ़ेगी। मंजूरी के बाद इन प्रस्तावित रूटों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसलिए फिलहाल इन नौ कॉरिडोर को प्रस्तावित विस्तार योजना के रूप में देखा जाना चाहिए। अंतिम रूट, स्टेशन, निर्माण लागत और समयसीमा DPR तथा संबंधित सरकारी मंजूरियों के बाद ही स्पष्ट होगी।
आगरा के परिवहन नेटवर्क में आएगा बड़ा बदलाव
अगर प्रस्तावित सभी कॉरिडोर को मंजूरी मिलती है और परियोजना जमीन पर उतरती है, तो आगरा का मेट्रो नेटवर्क मौजूदा शहरी कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर बाहरी क्षेत्रों और एयरपोर्ट तक फैल सकता है।
80.79 किलोमीटर के प्रस्तावित विस्तार से ताजनगरी में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क मजबूत होने और शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। आने वाले समय में सरकार की मंजूरी और DPR के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना की तस्वीर और साफ होगी।