आगरा न्यूज: रुई की मंडी फाटक बना मुसीबत, तीन ट्रेनों के गुजरने का इंतजार; दोनों ओर लग जाता है लंबा जाम
आगरा के रुई की मंडी रेलवे फाटक पर लगातार तीन ट्रेनों के गुजरने तक रास्ता बंद रहने से दोनों ओर लंबा जाम लग रहा है। स्थानीय लोग स्थायी समाधान और बेहतर यातायात व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
आगरा। शहर के प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल रुई की मंडी रेलवे फाटक पर लंबे समय तक रास्ता बंद रहने से रोजाना हजारों राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार एक के बाद एक तीन ट्रेनों के गुजरने तक फाटक बंद रहता है। इस दौरान दोनों ओर दोपहिया वाहन, कार, ऑटो और अन्य वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। सुबह और शाम के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है।
तीन ट्रेनों के इंतजार में बढ़ जाता है जाम
रुई की मंडी फाटक ट्रेन के गुजरने के दौरान बंद किया जाता है। एक ट्रेन निकलने के बाद दूसरी ट्रेन के आने की स्थिति में फाटक दोबारा बंद रखना पड़ता है। कई बार लगातार तीन ट्रेनों के गुजरने तक रास्ता बंद रहने से लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।
फाटक के दोनों ओर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जाता है। सीमित सड़क स्थान के कारण वाहन एक-दूसरे के रास्ते में फंस जाते हैं। फाटक खुलने के बाद भी जाम तुरंत खत्म नहीं होता और यातायात सामान्य होने में काफी समय लग जाता है।
दुकानदारों के सामने तक पहुंचता है जाम
रुई की मंडी फाटक के आसपास दुकानें होने के कारण जाम का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि फाटक बंद होते ही वाहनों की कतार दुकानों के सामने तक पहुंच जाती है। इससे ग्राहकों और दुकानदारों को आने-जाने में परेशानी होती है।
रुई की मंडी के दुकानदार लक्ष्मण कल्याण ने बताया कि कई बार तीन ट्रेनों के आने के इंतजार में फाटक बंद रखा जाता है। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। उनका कहना है कि यदि नया फाटक बनाया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
एक अन्य दुकानदार ने बताया कि फाटक के आसपास जाम की समस्या को लेकर रेलवे में कई बार ऑनलाइन शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका कहना है कि फाटक खुलने के बाद भी भीड़ बेतरतीब तरीके से निकलती है, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है।
आरपीएफ जवानों की तैनाती की भी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि फाटक के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ या अन्य सुरक्षा कर्मियों की नियमित मौजूदगी जरूरी है। उनका दावा है कि कई बार यहां आरपीएफ के जवान मौजूद नहीं रहते। ऐसे में फाटक खुलने के बाद वाहन चालक जल्द निकलने की कोशिश करते हैं और यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है।
पैदल राहगीरों के लिए भी यह स्थिति परेशानी वाली है। जाम के दौरान सड़क पार करना मुश्किल हो जाता है। जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को भी फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
रेलवे ने सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि फाटक को ट्रेनों की आवाजाही और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंद किया जाता है। कई बार एक साथ तीन-तीन ट्रेनें आ जाती हैं, ऐसे में बार-बार फाटक खोलना संभव नहीं होता।
उन्होंने कहा कि यदि किसी समय बिना ट्रेन की आवाजाही के फाटक अनावश्यक रूप से बंद रखा जाता है तो मामले को दिखवाया जाएगा। रेलवे की ओर से ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों की मांग है कि रुई की मंडी फाटक की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही फाटक के आसपास यातायात व्यवस्था को बेहतर करने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि रोजाना आने-जाने वाले लोगों को जाम और लंबे इंतजार से राहत मिल सके।