मीट एट आगरा 2026: चीन की कंपनियों की पहली भागीदारी, 250 स्टॉल में दिखेगी फुटवियर तकनीक
मीट एट आगरा 2026 में पहली बार चीन की कंपनियां शामिल होंगी। 250 स्टॉल पर फुटवियर मशीनरी, कंपोनेंट, मैटेरियल और नई तकनीक प्रदर्शित होगी।
आगरा। सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में शनिवार से तीन दिवसीय ‘मीट एट आगरा 2026’ फेयर शुरू होगा। इंटरनेशनल शू कंपोनेंट, लेदर, फुटवियर और मशीनरी फेयर के 18वें संस्करण में पहली बार चीन की कंपनियां भी अपने स्टॉल लगाएंगी। तीन हॉल में करीब 250 स्टॉल पर फुटवियर मशीनरी, कंपोनेंट, मैटेरियल, केमिकल और आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा।
फेयर का आयोजन आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) की ओर से किया जा रहा है। प्रदर्शनी 3 से 5 अक्तूबर तक चलेगी। विजिटर्स के लिए फेयर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा।
एक छत के नीचे जुटेगा फुटवियर उद्योग
शुक्रवार को आगरा ट्रेड सेंटर में आयोजित प्री-कॉन्फ्रेंस में एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि तीन दिनों तक एक ही छत के नीचे फुटवियर उद्योग से जुड़े उद्यमी, निर्माता, सप्लायर और तकनीकी विशेषज्ञ जुटेंगे। देश-विदेश की कंपनियां अपने उत्पाद और तकनीकी समाधान प्रदर्शित करेंगी।
तीनों हॉल में कंपोनेंट्स, मैटेरियल, मशीनरी, नई तकनीक और इंडस्ट्रियल सपोर्ट सिस्टम से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं। इससे कारोबारियों को सीधे आपूर्तिकर्ताओं से बातचीत करने, नए उत्पादों की जानकारी लेने और जरूरत के अनुसार ऑर्डर देने का अवसर मिलेगा।
250 स्टॉल पर नई तकनीक का प्रदर्शन
‘डिस्कवर, क्रिएट, कनेक्ट, ग्रो’ थीम पर आयोजित फेयर में 250 स्टॉल लगाए गए हैं। एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता के अनुसार बदलते फैशन, आरामदायक फुटवियर की बढ़ती मांग, संगठित रिटेल और ऑनलाइन कारोबार के विस्तार से फुटवियर उद्योग में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए गुणवत्ता, डिजाइन और आधुनिक उत्पादन तकनीक पर ध्यान देना जरूरी है। फेयर में आगरा के जूता उद्यमी नई मशीनरी, कंपोनेंट, केमिकल और उत्पादन तकनीक की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
भारत में बने 300 करोड़ जोड़ी फुटवियर
एफमेक संयोजक पूरन डावर ने बताया कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक देश है। वर्ल्ड फुटवियर ईयर बुक 2026 के अनुसार वर्ष 2025 में दुनिया में करीब 2,460 करोड़ जोड़ी फुटवियर का उत्पादन हुआ, जिसमें भारत की हिस्सेदारी लगभग 300 करोड़ जोड़ी रही।
भारत की वैश्विक हिस्सेदारी करीब 12.2 प्रतिशत बताई गई है। देश का बड़ा घरेलू बाजार, उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता फुटवियर उद्योग की प्रमुख ताकत हैं। नई तकनीक, बेहतर डिजाइन, कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर काम करके भारतीय फुटवियर कंपनियां वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने पर जोर दे रही हैं।
पहली बार लगेगा चाइना पवेलियन
मीट एट आगरा 2026 का एक प्रमुख आकर्षण चाइना पवेलियन होगा। एफमेक के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन एएस राणा ने बताया कि पहली बार चीन की कंपनियां इस फेयर में पवेलियन के माध्यम से भाग ले रही हैं।
विजिटर्स को चीनी कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करने और फुटवियर कंपोनेंट्स, मैटेरियल तथा मशीनरी के बारे में जानकारी लेने का अवसर मिलेगा। इससे कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध नई तकनीकों और उत्पादन समाधानों को समझने में मदद मिलेगी।
आधुनिकीकरण पर रहेगा जोर
एफमेक उपाध्यक्ष राजीव वासन के मुताबिक फेयर में कारोबारी नई मशीनरी और उत्पादन समाधानों को देखकर अपनी इकाइयों के आधुनिकीकरण की संभावनाओं को समझ सकेंगे। वहीं उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने कहा कि फुटवियर उद्योग में मजबूत पहचान के लिए गुणवत्ता, डिजाइन, टिकाऊपन और आराम पर लगातार काम करना जरूरी है।
3 अक्तूबर को उद्घाटन, 5 को होगा समापन
एफमेक महासचिव प्रदीप वासन ने बताया कि 3 अक्तूबर को सुबह 11 बजे मीट एट आगरा का उद्घाटन यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह करेंगे। 4 अक्तूबर को फैक्टरी मालिकों और एजेंट्स के बीच संवाद तथा सम्मान समारोह आयोजित होगा। वहीं 5 अक्तूबर को प्रदर्शनी में हिस्सा लेने वाले प्रदर्शकों को सम्मानित किया जाएगा।
फेयर की प्री-कॉन्फ्रेंस में माला खेड़ा, अनिरुद्ध तिवारी, चंद्र मोहन सचदेवा, ललित अरोरा, सुनील मनचंदा, नकुल मनचंदा और जसविंदर सिंह खेड़ा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।