साइबर ठगी का नया तरीका: बिना OTP बताए भी खाते हो रहे खाली, आगरा में दो मामले सामने आए
आगरा में साइबर ठगी के दो मामलों में बिना OTP या PIN साझा किए करीब छह लाख रुपये बैंक खातों से निकाल लिए गए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आगरा में साइबर ठगी के दो मामलों ने बैंक खातों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दोनों मामलों में पीड़ितों का दावा है कि उन्होंने अपना OTP, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं की, इसके बावजूद उनके खातों से करीब छह लाख रुपये निकाल लिए गए।
पहले मामले में एक सेवानिवृत्त रेलवे अधिकारी के बैंक खाते से 4.35 लाख रुपये निकाले गए, जबकि दूसरे मामले में शाहगंज निवासी के तीन बैंक खातों से 1.67 लाख रुपये की रकम निकल गई। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेवानिवृत्त रेलवे अधिकारी के खाते से 4.35 लाख रुपये निकले
सेवानिवृत्त रेलवे अधिकारी शेर सिंह ने सदर थाने में साइबर ठगी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। उनके मुताबिक, 26 दिसंबर 2025 की रात उनके बैंक खाते से दो बार में रकम निकाली गई।
रात करीब 9:24 बजे खाते से 3.96 लाख रुपये और 9:27 बजे 39 हजार रुपये निकाले गए। बताया गया कि दोनों लेनदेन एक ही मोबाइल नंबर से जुड़े थे। रकम निकलने की जानकारी मिलते ही शेर सिंह ने रात करीब 10:42 बजे साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
तीन बैंक खातों से 1.67 लाख रुपये गायब
दूसरा मामला शाहगंज के आलोक नगर निवासी सुमित सक्सेना से जुड़ा है। सुमित के अनुसार, 17 सितंबर को दोपहर करीब 3:40 बजे उनके और उनकी पत्नी से जुड़े तीन बैंक खातों से कुल 1.67 लाख रुपये निकाल लिए गए।
रकम में भारतीय स्टेट बैंक खाते से 90 हजार रुपये, आईसीआईसीआई बैंक खाते से 50 हजार रुपये और केनरा बैंक खाते से 27 हजार रुपये शामिल हैं।
सुमित का कहना है कि उन्होंने किसी को OTP, UPI PIN, पासवर्ड या कोई संदिग्ध लिंक साझा नहीं किया था। उन्होंने मोबाइल या बैंकिंग सिस्टम में मैलवेयर के जरिए सेंधमारी की आशंका जताई है। मामले में शाहगंज पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
AEPS और ATM लेनदेन की भी जांच
रकम निकलने के बाद सुमित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तीन शिकायतें दर्ज कराईं। शुरुआती जांच में 27 हजार रुपये जमशेदपुर के कदमा क्षेत्र स्थित एचडीएफसी बैंक समेत अन्य एटीएम से निकाले जाने की जानकारी सामने आई।
वहीं करीब 30 हजार रुपये आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के माध्यम से निकाले जाने की बात सामने आई है। पीड़ित ने इसमें बायोमेट्रिक क्लोनिंग की आशंका जताई है। पुलिस सभी लेनदेन और संबंधित तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों को किया सावधान
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने लोगों से साइबर ठगी के मामलों में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है। बैंक खाते से किसी भी तरह की अनधिकृत रकम निकलने पर तत्काल बैंक को सूचना देने और साइबर ठगी की स्थिति में 1930 पर कॉल करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने लोगों से OTP, UPI PIN, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने को कहा है। साथ ही किसी संदिग्ध लिंक, कॉल या डिजिटल अनुरोध पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी पुष्टि करने की सलाह दी गई है।