हद कर दी: यातायात माह का शुभारंभ, सिपाही से इंस्पेक्टर तक बिना हेलमेट चलाते दिखे बाइक; अब किसका कटेगा चालान?
आगरा में यातायात माह के शुभारंभ के दौरान सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक कई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट बाइक चलाते नजर आए। जबकि अपर पुलिस आयुक्त पहले ही पुलिसकर्मियों के खिलाफ चालान और सख्त कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं। ऐसे में यातायात नियमों का पालन कराने वाली पुलिस पर ही सवाल उठ रहे हैं।
आगरा। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए आगरा में सोमवार को यातायात माह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की, लेकिन दूसरी ओर शहर की सड़कों पर पुलिसकर्मी ही नियमों की अनदेखी करते नजर आए। सिपाही से लेकर दरोगा और इंस्पेक्टर तक बिना हेलमेट बाइक चलाते दिखाई दिए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब कानून का पालन कराने वाले ही नियम तोड़ेंगे तो आम लोगों से कैसे उम्मीद की जाएगी?
खास बात यह है कि अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल पहले ही निर्देश दे चुके थे कि यातायात माह के दौरान पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना हेलमेट बाइक चलाने और कार में सीट बेल्ट नहीं लगाने पर पुलिसकर्मियों के चालान काटने के साथ वाहनों को सीज करने तक की कार्रवाई की बात कही गई थी। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई।
पुलिस आयुक्त ने किया यातायात माह का शुभारंभ
यातायात पुलिस क्लब, तहसील चौराहा पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यातायात माह की शुरुआत की। इस दौरान यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई।
पुलिस आयुक्त ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और अधिकारियों से उपकरणों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। प्रदर्शनी में बॉडी वार्न कैमरा, कार डैशबोर्ड कैमरा, व्हील क्लैंप, लाउड हेलर, ब्रेथ एनालाइजर, स्पीड रडार, गैस एनालाइजर, ई-चालान प्रणाली, रिमोट एरियल लाइट सिस्टम, लक्स मीटर, स्मोक मीटर और डेसीबल मीटर प्रदर्शित किए गए। विद्यार्थियों को भी इन उपकरणों के इस्तेमाल और उपयोगिता के बारे में बताया गया।
जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने यातायात जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली यातायात पुलिस क्लब से तहसील चौराहा, पंचकुइयां चौराहा और सुभाष पार्क होते हुए नालबंद पहुंची। यहां से यू-टर्न लेकर रैली वापस पुलिस क्लब पहुंची।
रैली में यातायात पुलिस, इंटरसेप्टर, मिशन शक्ति और यूपी-112 के वाहन शामिल रहे। इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी और एनसीसी कैडेट्स ने भी हिस्सा लिया। रैली के माध्यम से लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया।
पांच बिंदुओं पर चलेगा यातायात जागरूकता अभियान
इस बार यातायात माह में 5-ई कार्ययोजना के तहत सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें पांच प्रमुख बिंदु शामिल हैं।
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शिक्षा (Education): स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी।
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प्रवर्तन (Enforcement): यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अभियांत्रिकी (Engineering): दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर संबंधित विभागों के सहयोग से सुधार कराया जाएगा।
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आपातकालीन देखभाल (Emergency Care): सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर के दौरान उपचार उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
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पर्यावरण (Environment): प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी रखी जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
यमराज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से भी करेंगे जागरूक
यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाले नुकसान को समझाने के लिए अभियान में यमराज की भूमिका का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा नियमों का महत्व बताया जाएगा। वहीं, स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद से सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।
हालांकि, यातायात माह की शुरुआत में ही पुलिसकर्मियों के बिना हेलमेट बाइक चलाने की तस्वीरें सामने आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी आम नागरिकों की तरह कार्रवाई होती है या नहीं।