logo logo
logo logo

Contact Information

Branch office: - Shop 10 38/4A Basement, block Samriddhi building, near balaji juice, J&k bank and Yes bank, Sanjay Palace, Sanjay Place, Civil Lines, Agra, Uttar Pradesh 282002

Call: +91 6399 505 060

agratrends@gmail.com
Trending in Agra

शारदीय नवरात्र आज से: जानें कब करें घट स्थापना?, ये हैं दो शुभ मुहूर्त; 28 साल बाद बन रहा गजकेसरी योग

शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। जानें घट स्थापना का शुभ मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और पहले दिन बनने वाले विशेष ज्योतिषीय योग।


  • October 11, 2026
  • 1 minute
  • 9 Views
Image

शारदीय नवरात्र आज से शुरू, घट स्थापना के लिए सुबह 6:12 से 10:27 बजे तक शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्र की शुरुआत रविवार, 11 अक्टूबर से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में घरों से लेकर मंदिरों तक मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना का विशेष महत्व है। इसे लेकर ज्योतिषाचार्यों ने शुभ मुहूर्त और इस बार बनने वाले विशेष ग्रह-नक्षत्रों के संयोग की जानकारी दी है।

घट स्थापना के लिए ये हैं शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना के लिए सुबह 6:12 बजे से 10:27 बजे तक शुभ समय रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:24 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक बताया गया है। श्रद्धालु इन मुहूर्तों में विधि-विधान से कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू कर सकते हैं।

ज्योतिषाचार्य वेद प्रकाश प्रचेता के अनुसार, इस बार नवरात्र के पहले दिन हस्त नक्षत्र, शुक्ल योग और गजकेसरी योग का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं में इन योगों को पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। प्रतिपदा तिथि पर हस्त नक्षत्र और शुक्ल योग का संयोग रहेगा। वहीं, गुरु और चंद्रमा की स्थिति से गजकेसरी योग बनने की बात कही जा रही है। इसे करीब 28 साल बाद बनने वाला विशेष संयोग बताया जा रहा है।

30 साल बाद शनि का विशेष संयोग

इस बार शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में स्थित होकर शश योग बना रहे हैं। इसके साथ गुरु और सूर्य की स्थिति को भी ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ज्योतिषाचार्य नीरज मिश्रा के मुताबिक, इन ग्रहों के संयोग को स्थिरता, निर्णय क्षमता और कार्यों में सफलता से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, ग्रहों के प्रभाव से जुड़ी ये बातें ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।

नवरात्र में बनेंगे कई शुभ योग

नौ दिनों के दौरान चार से पांच दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और दो दिन अमृत सिद्धि योग बनने का संयोग बताया जा रहा है। इसके अलावा महाष्टमी और महानवमी पर भी विशेष योग रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ अवसरों पर भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी के साथ गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।

हाथी पर मां दुर्गा के आगमन की मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार से नवरात्र शुरू होने पर मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जाता है। हाथी को सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण इस बार नवरात्र के दौरान भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिलेगा।

नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में घट स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू होगी। अगले नौ दिनों तक भक्त व्रत, पूजा, आरती और दुर्गा सप्तशती के पाठ के माध्यम से माता की आराधना करेंगे। नवरात्र का यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है।


Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *