आगरा सिटी जोन दो हिस्सों में बंटेगा: 21 थाने नॉर्थ-साउथ जोन में होंगे, तीन नए थानों का प्रस्ताव
आगरा पुलिस कमिश्नरेट के सिटी जोन को नॉर्थ और साउथ दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी के बाद 21 थाने दो जोन में बंटेंगे और रुनकता, बुंदू कटरा व फाउंड्री नगर में तीन नए थाने बनाए जा सकते हैं।
आगरा पुलिस कमिश्नरेट में पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। सिटी जोन को नॉर्थ और साउथ—दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद सिटी जोन में एक की जगह दो डीसीपी तैनात होंगे और वर्तमान में शामिल 21 थानों को दोनों जोन में बांटा जाएगा।
पुलिस विभाग का मानना है कि शहर के बढ़ते विस्तार और कुछ थानों में लगातार बढ़ रहे मुकदमों के दबाव को देखते हुए यह बदलाव जरूरी है। जोन का विभाजन होने से डीसीपी पर काम का बोझ कम होगा और पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्र की निगरानी के लिए अधिक समय मिल सकेगा।
नॉर्थ और साउथ जोन में बंटेंगे 21 थाने
प्रस्ताव के अनुसार मौजूदा सिटी जोन के 21 थानों को दो हिस्सों में बांटा जाएगा। इनमें से एक जोन में करीब 10 से 11 थाने होंगे।
नॉर्थ सिटी जोन में हरीपर्वत, एत्मादपुर और छत्ता सर्किल शामिल करने का प्रस्ताव है। इस जोन में करीब 10 थाने आएंगे।
वहीं साउथ सिटी जोन में लोहामंडी, कोतवाली, सदर और ताजगंज सर्किल शामिल होंगे। इस हिस्से में करीब 11 थाने रखे जाने की तैयारी है।
प्रस्ताव में एत्मादपुर सर्किल को भी सिटी जोन में शामिल करने की बात है। फिलहाल एत्मादपुर क्षेत्र से किसी घटना की सूचना मिलने पर आसपास के थानों की दूरी अधिक होने के कारण पुलिस रिस्पॉन्स में दिक्कत आती है। सिटी जोन में शामिल होने के बाद यहां पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है।
इन थानों में दर्ज होते हैं ज्यादा केस
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के मुताबिक सिटी जोन के कुछ थानों में कमिश्नरेट के अन्य थानों की तुलना में अधिक मुकदमे दर्ज होते हैं। इनमें जगदीशपुरा, शाहगंज, सिकंदरा, ताजगंज और सदर प्रमुख हैं।
इन इलाकों में अपराध का दबाव अधिक होने के साथ कई सर्किल का क्षेत्र भी काफी बड़ा है। ऐसे में सिटी जोन को दो हिस्सों में बांटने से पुलिस अधिकारियों की निगरानी बेहतर होने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
डीसीपी पर कम होगा काम का दबाव
वर्तमान व्यवस्था में सिटी जोन की जिम्मेदारी एक डीसीपी के पास है। 21 थानों और कई सर्किल की निगरानी के कारण काम का दबाव अधिक रहता है।
दो जोन बनने के बाद नॉर्थ और साउथ सिटी जोन में अलग-अलग डीसीपी तैनात किए जा सकेंगे। इससे क्षेत्रवार पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।
तीन नए थाने बनाने की भी तैयारी
सिटी जोन के पुनर्गठन के साथ तीन नए थाने बनाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। इनमें सिकंदरा की रुनकता चौकी, सदर की बुंदू कटरा चौकी और फाउंड्री नगर चौकी को थाने का दर्जा देने की तैयारी है।
रुनकता चौकी बनेगी थाना
सिकंदरा थाना क्षेत्र की रुनकता पुलिस चौकी को अलग थाना बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए जमीन भी चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने आई है। नया थाना बनने से रुनकता और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच बेहतर हो सकती है।
बुंदू कटरा को मिलेगा थाने का दर्जा
सदर थाना क्षेत्र की बुंदू कटरा पुलिस चौकी को भी थाना बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इससे सदर थाना क्षेत्र का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
फाउंड्री नगर भी बनेगा नया थाना
फाउंड्री नगर चौकी को भी अलग थाना बनाने की तैयारी है। प्रस्तावित थाने के क्षेत्र में खंदौली थाना क्षेत्र के कुछ इलाकों को शामिल किया जा सकता है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार
पुलिस विभाग ने सिटी जोन के पुनर्गठन और तीन नए थानों के गठन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब शासन की मंजूरी के बाद नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो आगरा सिटी जोन में एक की जगह दो डीसीपी, 21 थानों का नॉर्थ-साउथ जोन में विभाजन और तीन नए थानों के गठन से पुलिसिंग का पूरा ढांचा बदल जाएगा। इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते अपराध के दबाव को कम करना और पुलिस को क्षेत्रवार अधिक प्रभावी बनाना है।