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यूपी: व्हाट्सएप पर आया संदिग्ध मैसेज, लिंक क्लिक करते ही खाते से कटने लगे पैसे; 6 दिन में अधिवक्ता का बैंक अकाउंट खाली

आगरा में APK फाइल के जरिए साइबर ठगी, अधिवक्ता के बैंक खाते से छह बार में ₹2.54 लाख निकाले गए।


  • September 26, 2026
  • 1 minute
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आगरा। साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए आगरा के एक अधिवक्ता को ग्रीन गैस बिल के नाम पर व्हाट्सएप के जरिए APK फाइल भेजी। फाइल पर क्लिक करने के बाद मोबाइल साइबर अपराधियों की निगरानी में आ गया। करीब छह दिन बाद अधिवक्ता के बैंक खाते से छह बार में 2.54 लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले में न्यू आगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

व्हाट्सएप पर भेजी ग्रीन गैस बिल की APK फाइल

न्यू लॉयर्स कॉलोनी निवासी अधिवक्ता राजेश कुमार परिहार ने पुलिस को बताया कि 17 जुलाई की शाम करीब छह बजे उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से ग्रीन गैस का बिल जमा करने का संदेश आया। इसके साथ एक APK फाइल भी भेजी गई थी।

अधिवक्ता ने बिल देखने के लिए APK फाइल पर क्लिक कर दी। फाइल खोलने के बाद उन्होंने बिल देखा और फिर दूसरे काम में व्यस्त हो गए। उन्हें अंदाजा नहीं था कि इस फाइल के जरिए साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल तक पहुंच बना ली है।

छह बार में खाते से निकले 2.54 लाख रुपये

23 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे अधिवक्ता के मोबाइल पर बैंक खाते से रकम निकलने के लगातार संदेश आने लगे। उन्होंने तत्काल बैंक जाकर जानकारी की तो पता चला कि उनके खाते से यूपीआई के माध्यम से रकम दूसरे खातों में भेजी जा रही है।

साइबर अपराधियों ने छह अलग-अलग लेनदेन में कुल 2,54,580 रुपये निकाल लिए। इसके बाद अधिवक्ता ने बैंक खाते से लेनदेन रुकवाया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यू आगरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर साइबर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

APK फाइल के जरिए मोबाइल पर रखते हैं नजर

डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह के अनुसार, साइबर अपराधी अब ठगी के नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। APK फाइल भेजकर मोबाइल में सेंध लगाने और इसके बाद कई दिनों तक पीड़ित की गतिविधियों पर नजर रखने के मामले सामने आए हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि अनजान नंबर से आए किसी भी लिंक, APK फाइल या संदिग्ध फाइल को डाउनलोड या ओपन न करें। यदि गलती से ऐसी फाइल खुल जाए तो मोबाइल को री-स्टोर या आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत रीसेट कर अपडेट करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में इसकी जानकारी दें।

साइबर ठगी से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

  • अनजान नंबर से आई APK फाइल को डाउनलोड या ओपन न करें।
  • व्हाट्सएप पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
  • बैंक, गैस कंपनी या किसी सरकारी विभाग के नाम से आए मैसेज की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करें।
  • मोबाइल में संदिग्ध ऐप दिखाई देने पर उसे तुरंत हटाएं और सुरक्षा जांच कराएं।
  • बैंक खाते में अनधिकृत लेनदेन दिखने पर तुरंत बैंक को सूचना दें।
  • साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।


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