राम बारात में दिखेगी ‘एक भारत’ की झलक, 51 से अधिक झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र
आगरा में 15 अक्टूबर को श्रीराम बारात गढ़ी ईश्वरा से शमशाबाद तक आठ किमी की यात्रा करेगी। बारात में 51 से अधिक झांकियां शामिल होंगी।
आगरा। श्री मनकामेश्वर मठ मंदिर की ओर से आयोजित श्री मनकामेश्वर रामलीला महोत्सव और श्रीराम बारात को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 11 से 21 अक्टूबर तक चलने वाले रामलीला महोत्सव के तहत 15 अक्टूबर को श्रीराम बारात दिगनेर के गढ़ी ईश्वरा से शमशाबाद तक करीब आठ किलोमीटर की यात्रा करेगी। बारात में 51 से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल होंगी, जिनमें विभिन्न राज्यों की संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
आयोजन को लेकर शमशाबाद के धमैना रोड स्थित आर्य पोली हाउस में बैठक आयोजित की गई। इसमें श्रीराम बारात के मार्ग, स्वागत, झांकियों, सुरक्षा, रात्रि विश्राम और धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
मध्य प्रदेश, केरल और झारखंड की झांकियां होंगी शामिल
श्रीराम बारात में मध्य प्रदेश, केरल और झारखंड से आने वाली झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा ग्रामीण बच्चे द्वादश ज्योतिर्लिंग की पालकी लेकर बारात में शामिल होंगे।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि बारात के मार्ग में आने वाले गांवों के ग्रामीण अपने स्तर पर स्वागत की तैयारियां कर रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा के साथ भगवान श्रीराम की बारात का स्वागत किया जाएगा।
शमशाबाद में होगा भव्य स्वागत
श्री जनकपुरी महोत्सव के व्यवस्थापक आशीष आर्य ने बताया कि 15 अक्टूबर को श्रीराम बारात और 16 अक्टूबर को तुलसी-शालिग्राम विवाह के कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
शमशाबाद पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास क्षेत्र की जनता द्वारा बारात का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद श्रीराम बारात शिव वाटिका पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। यहीं से अगले दिन होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां संचालित होंगी।
16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे शिव वाटिका में तुलसी-शालिग्राम विवाह का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम, भोलेनाथ और श्रीनाथजी के दर्शन का अवसर मिलेगा।
महंत योगेश पुरी ने किया आयोजन स्थल का निरीक्षण
बैठक के बाद श्री मनकामेश्वर के महंत योगेश पुरी ने आयोजन से जुड़े लोगों के साथ शिव वाटिका का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वागत व्यवस्था, झांकियों और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियों का जायजा लिया।
महंत योगेश पुरी ने कहा कि आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी जाएंगी। श्रीराम आस्था, मर्यादा, सेवा, प्रेम और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। श्रीराम बारात के माध्यम से गांव-गांव तक प्रभु श्रीराम के आदर्शों और सामाजिक सद्भाव का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।