एमएलसी चुनाव: मतगणना हो चुकी है शुरू, दोपहर 12 बजे तक आ सकता है पहला रुझान; सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव 2026 की मतगणना नवीन गल्ला मंडी में शुरू हो गई है। दोपहर 12 बजे तक पहला रुझान आने की संभावना है। इस बीच सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मतगणना की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की मतगणना मंगलवार सुबह 8 बजे से फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी समिति में शुरू हो गई। मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, पहला रुझान दोपहर करीब 12 बजे तक आने की संभावना है। इस बीच समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और शिक्षक क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मतगणना की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सत्ता पक्ष और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
14-14 टेबलों पर हो रही मतगणना
आगरा समेत 12 जिलों के 412 मतदान स्थलों पर 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। हालांकि, गड़बड़ी की शिकायतों के बाद आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन बूथों पर 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराया गया। इसके बाद मंगलवार को स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गणना शुरू हुई।
मतगणना के लिए दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में 14-14 टेबल लगाई गई हैं। शुरुआत में स्ट्रांग रूम से मतपेटियां निकालकर मतपत्रों को छांटने और 100-100 मतपत्रों के बंडल बनाने की प्रक्रिया की गई। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बूथ संख्या 1 से 68 तक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बूथ संख्या 1 से 58 तक के मतपत्रों की प्रक्रिया शुरू की गई।
सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने उठाए सवाल
मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों और निर्धारित मैनुअल के अनुसार पारदर्शी तरीके से मतगणना होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मतगणना के दौरान किसी तरह का लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए और न ही एजेंटों को बाहर निकाला जाना चाहिए।
डॉ. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक और रिटर्निंग अधिकारी पूरी प्रक्रिया के दौरान मौन बने हुए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सत्तारूढ़ दल पर नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि मतदाता पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, ये आरोप सपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए हैं।
सपा पदाधिकारियों ने भी लगाए धांधली के आरोप
मतगणना स्थल पर मौजूद सपा के प्रदेश सचिव मुकेश कुमार उर्फ प्रधान और बबलू सिंह ने भी सत्ता पक्ष पर धांधली का आरोप लगाया। उनका कहना था कि 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान गड़बड़ी की शिकायतों के कारण तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराना पड़ा था। इसके बावजूद उन्हें मतगणना की निष्पक्षता को लेकर आशंका है।
सपा पदाधिकारियों ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की मांग की।
तीन बूथों पर क्यों हुआ था पुनर्मतदान?
23 अक्टूबर को मतदान के दौरान खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद के तीन मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी, फर्जी मतदान और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए गए थे। शिकायतों के बाद मामले की जांच कराई गई। इसके आधार पर निर्वाचन आयोग ने इन केंद्रों पर पहले हुए मतदान को रद्द कर 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया था।
सोमवार को हुए पुनर्मतदान में पहले की तुलना में कम मतदान दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार:
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खेरागढ़ बूथ संख्या 20: कुल 438 मतदाताओं में से 226 ने मतदान किया। 23 अक्टूबर को यहां 432 वोट पड़े थे।
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सैंया बूथ संख्या 21: कुल 948 मतदाताओं में से 554 ने वोट डाले। पहले मतदान के दौरान यहां शत-प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
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फतेहाबाद बूथ संख्या 26: कुल 960 मतदाताओं में से 563 ने मतदान किया। 23 अक्टूबर को यहां 849 वोट पड़े थे।
पुनर्मतदान के दौरान तीनों केंद्रों पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की तैनाती की गई थी। निर्वाचन प्रेक्षक अभिषेक प्रकाश, रिटर्निंग अधिकारी एवं मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल तथा अन्य अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।
सुरक्षा के बीच मतगणना, प्रशासन की निगरानी
जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने मतगणना स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। प्रशासन के मुताबिक, प्रत्येक टेबल पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी और निगरानी की व्यवस्था की गई है। मतगणना परिसर में केवल अधिकृत पास वाले लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। मतगणना कर्मियों के लिए पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य किया गया है।
अब सभी की नजर मतगणना के रुझानों और अंतिम परिणाम पर टिकी है। दोपहर करीब 12 बजे तक पहला रुझान आने की संभावना है, जिससे आगरा खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में प्रत्याशियों की स्थिति की शुरुआती तस्वीर सामने आ सकती है।