logo logo
logo logo

Contact Information

Branch office:- Shop 10 38/4A Basement, block Samriddhi building, near balaji juice ,J&k bank and Yes bank, Sanjay Palace, Sanjay Place, Civil Lines, Agra, Uttar Pradesh 282002

Call: +91 6399 505 060

agratrends@gmail.com
Trending in Agra

प्रसव के बाद पत्नी और नवजात को चारपाई के सहारे पार कराई नदी, आगरा के गांव में आजादी के 79 साल बाद भी सड़क नहीं

आगरा के सुखलाल पुरा गांव में सड़क न होने से प्रसव के बाद महिला और नवजात को ट्यूब पर चारपाई रखकर उटंगन नदी पार करनी पड़ी। वीडियो वायरल होने के बाद गांव की बदहाल व्यवस्था पर सवाल उठे।


  • August 14, 2026
  • 1 minute
  • 10 Views
Image

आगरा। देश इस साल आजादी का 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। एक ओर देश मंगल ग्रह तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है, एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आगरा का एक गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहा है।

आगरा के सुखलाल पुरा गांव से सामने आया एक वीडियो गांव की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर दिखा रहा है। प्रसव के बाद एक महिला को अपने नवजात शिशु के साथ घर पहुंचाने के लिए परिजनों को उटंगन नदी पार करनी पड़ी। नदी पार कराने के लिए ट्यूब के ऊपर चारपाई रखी गई और उसी पर महिला व नवजात को बैठाकर दूसरी ओर ले जाया गया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गांव की समस्याएं चर्चा में आ गई हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि सड़क न होने के कारण ग्रामीण किस तरह जोखिम उठाकर नदी पार करने को मजबूर हैं।

प्रसव के बाद महिला को उठानी पड़ी मुश्किल

प्रसव के बाद महिला और नवजात को सुरक्षित घर पहुंचाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया। गांव तक सीधे पहुंचने के लिए सड़क नहीं होने और नदी के रास्ते में पानी होने के कारण सामान्य वाहन से आवागमन संभव नहीं था।

इसके बाद परिजनों ने ट्यूब का सहारा लिया। ट्यूब के ऊपर चारपाई रखी गई और महिला को नवजात के साथ उस पर बैठाकर नदी पार कराई गई। यह दृश्य देखकर सवाल उठता है कि स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क संपर्क के अभाव में किसी आपात स्थिति में ग्रामीणों की स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है।

मांग करते-करते थक गए ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और बेहतर आवागमन की मांग लंबे समय से की जा रही है। कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों तक अपनी समस्या पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

ग्रामीणों के लिए बरसात का मौसम सबसे ज्यादा मुश्किल लेकर आता है। नदी में पानी बढ़ने के बाद आवागमन और भी खतरनाक हो जाता है। बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।

विकास के दावों के बीच बड़ा सवाल

आज जब देश में आधुनिक सड़कें, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और बड़े-बड़े विकास प्रोजेक्ट तैयार हो रहे हैं, ऐसे में किसी गांव के लोगों का सड़क के लिए संघर्ष करना व्यवस्था के सामने बड़ा सवाल खड़ा करता है।

आजादी के 79 साल बाद भी अगर किसी प्रसूता और नवजात को नदी पार कराने के लिए ट्यूब और चारपाई का सहारा लेना पड़े, तो यह केवल एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल है।


Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *