आगरा में उफान पर यमुना: 24 घंटे में 2.62 फीट बढ़ा जलस्तर, 489.50 फीट पहुंचा; प्रशासन अलर्ट
आगरा में यमुना का जलस्तर 24 घंटे में 2.62 फीट बढ़कर 489.50 फीट पहुंच गया। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन अलर्ट है और लोगों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की गई है
आगरा। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण आगरा में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वॉटर वर्क्स पर शनिवार शाम यमुना का जलस्तर 489.50 फीट दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को यह 486.88 फीट था। यानी महज 24 घंटे में जलस्तर 2.62 फीट बढ़ गया है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है और नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आगरा में बाढ़ की आशंका नहीं है।
बैराजों से छोड़ा गया हजारों क्यूसेक पानी
पहाड़ों पर बारिश के बाद यमुना में पानी की आवक बढ़ी है। शनिवार को नई दिल्ली स्थित ओखला बैराज से 26,705 क्यूसेक और ताजेवाला बैराज से 15,448 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, गोकुल बैराज से 20,074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अधिकारियों के अनुसार गोकुल बैराज से छोड़ा गया पानी रविवार दोपहर तक आगरा पहुंच सकता है।
आगरा में यमुना का जलस्तर बढ़ने की मुख्य वजह पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी को माना जा रहा है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
495 फीट है लो फ्लड लेवल
वॉटर वर्क्स पर यमुना का लो फ्लड लेवल 495 फीट निर्धारित है, जबकि हाई फ्लड लेवल 508 फीट है। शनिवार शाम जलस्तर 489.50 फीट होने के बावजूद नदी अभी लो फ्लड लेवल से नीचे है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार तक आगरा में कुल 184 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
चंबल नदी भी बढ़ी, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
यमुना के साथ चंबल नदी के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर है। पिनाहट में चंबल नदी का जलस्तर 112.10 फीट दर्ज किया गया है। यहां 130 फीट पर बाढ़ की स्थिति बनती है। वहीं, भरतपुर स्थित अजान बांध में फिलहाल 6.30 फीट पानी दर्ज किया गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी एवं एडीएम वित्त संदीप वर्मा ने बताया कि फिलहाल बाढ़ की आशंका नहीं है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की लोगों से अपील
प्रशासन ने यमुना और अन्य नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को नदी क्षेत्र में जाने से बचने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नदी में उतरने या किनारे जाकर जोखिम लेने से बचें। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यमुना का जलस्तर बढ़ा तो मेट्रो ने रोका पिलर का निर्माण
यमुना में बढ़ते जलस्तर का असर आगरा मेट्रो के निर्माण कार्य पर भी पड़ा है। जवाहरपुर के पास यमुना में बनाए जा रहे मेट्रो पुल के पिलर का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है।
यह पुल कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक जाने वाले दूसरे मेट्रो कॉरिडोर को जोड़ने की योजना का हिस्सा है। नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण पिलर निर्माण का काम बंद करना पड़ा है। यदि जलस्तर लंबे समय तक बढ़ा रहा तो इससे मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में देरी हो सकती है।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग यमुना के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के आधार पर स्थिति में बदलाव हो सकता है।