दूध में डिटर्जेंट, पनीर में व्हाइटनर! कहीं आप तो नहीं खा रहे मिलावटी ‘जहर’? राजस्थान और एमपी से सप्लाई का दावा
रक्षाबंधन से पहले आगरा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 10 हजार लीटर घटिया दूध और 5 हजार किलो पनीर-खोआ नष्ट कराया। 795 में 273 नमूने फेल मिले।
आगरा। रक्षाबंधन से पहले आगरा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और नकली दूध, पनीर व खोआ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। त्योहार पर मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच विभाग ने राजस्थान और मध्य प्रदेश से आगरा में खपाने के लिए लाई जा रही संदिग्ध खाद्य सामग्री की कई खेप पकड़ी हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक अब तक करीब 10 हजार लीटर घटिया दूध और लगभग 5 हजार किलो मिलावटी पनीर व खोआ जब्त कर नष्ट कराया जा चुका है। हाल ही में मुरैना से आगरा लाए जा रहे करीब 7 हजार लीटर घटिया दूध को भी पकड़ने के बाद सड़क पर फिंकवाकर नष्ट कराया गया।
795 नमूनों में 273 फेल, 200 मिलावटी और 53 नकली
त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाया है। सहायक आयुक्त (खाद्य-द्वितीय) महेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, हाल में प्राप्त 795 खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट में 273 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे।
फेल पाए गए नमूनों में:
- 200 नमूने मिलावटी मिले।
- 53 नमूने पूरी तरह नकली पाए गए।
- 13 नमूनों में नियमों का उल्लंघन मिला।
- 7 नमूने मिसब्रांड पाए गए।
विभाग ने इन मामलों में संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
दूध और उससे बने उत्पाद सबसे ज्यादा निशाने पर
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में दूध और दूध से बने उत्पादों के नमूने सबसे ज्यादा फेल हुए हैं। खास तौर पर दूध, पनीर और खोआ में मिलावट के मामले सामने आए हैं। त्योहारों के दौरान इनकी मांग बढ़ने के कारण मिलावटखोर कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए घटिया सामग्री का इस्तेमाल करते हैं।
2025-26 में खाद्य नमूनों की स्थिति
| खाद्य सामग्री | कुल नमूने | घटिया | नकली |
|---|---|---|---|
| दूध | 168 | 114 | 11 |
| पनीर | 87 | 53 | 34 |
| खोआ | 58 | 31 | 10 |
| घी | 29 | 7 | 8 |
इन आंकड़ों से साफ है कि दूध और उससे बने उत्पादों में मिलावट की समस्या गंभीर बनी हुई है। खासकर पनीर के मामलों में घटिया और नकली दोनों तरह के नमूने बड़ी संख्या में सामने आए हैं।
दूध में डिटर्जेंट तो पनीर में फैब्रिक व्हाइटनर
जांच के दौरान अलग-अलग खाद्य पदार्थों में कई तरह की मिलावट सामने आई है। विभाग के अनुसार:
दूध में: पानी, रिफाइंड, डिटर्जेंट, ग्लूकोज और रंग की मिलावट पाई गई।
घी में: पाम ऑयल, वनस्पति तेल और एसेंस का इस्तेमाल मिला।
खोआ में: स्टार्च, रिफाइंड और स्किम्ड मिल्क पाउडर जैसी चीजें पाई गईं।
पनीर में: स्टार्च, रिफाइंड, फैब्रिक व्हाइटनर और स्किम्ड मिल्क पाउडर की मिलावट सामने आई।
खाद्य पदार्थों में गैर-खाद्य या मानकों के विपरीत पदार्थों का इस्तेमाल उपभोक्ताओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए त्योहार के दौरान दूध, पनीर, खोआ और मिठाइयां खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश से आ रही संदिग्ध खेपों पर नजर
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में राजस्थान और मध्य प्रदेश से आगरा लाई जा रही संदिग्ध खाद्य सामग्री भी जांच के दायरे में आई है। अधिकारियों के मुताबिक त्योहारों पर मांग बढ़ते ही बाहरी क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में दूध और दुग्ध उत्पाद आगरा पहुंचते हैं।
इसी को देखते हुए विभाग ने विशेष टीमों का गठन किया है। टीमों को संदिग्ध वाहनों, दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करने के साथ-साथ दूध, पनीर, खोआ और मिठाइयों के नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं।
रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदते समय रहें सावधान
रक्षाबंधन पर मिठाई और पनीर की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सिर्फ कम कीमत देखकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए। कोशिश करें कि दूध और उससे बने उत्पाद भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें।
पैक्ड उत्पाद खरीदते समय पैकेट की सील, निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि और संबंधित खाद्य लाइसेंस की जानकारी जरूर देखें। खुले पनीर, खोआ या मिठाई खरीदते समय उसकी गंध, रंग और बनावट पर भी ध्यान दें।
मिलावट की आशंका हो तो यहां करें शिकायत
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता के अनुसार, अगर किसी उपभोक्ता को खाद्य पदार्थ में मिलावट या नकली सामग्री की आशंका है तो वह खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत कर सकता है।
टोल फ्री नंबर: 18001805533
शिकायत नंबर: 0562-2970049
त्योहार के दौरान मिलावट रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ विभाग की नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी समय पर विभाग को देकर मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई में मदद की जा सकती है।
दूध और पनीर की जांच में सामने आए आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने एक बार फिर दूध और उससे बने उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। 10 हजार लीटर घटिया दूध और करीब 5 हजार किलो पनीर-खोआ नष्ट किया जाना इस बात की गंभीरता को दिखाता है।
ऐसे में त्योहार की मिठास बरकरार रखने के लिए जरूरी है कि उपभोक्ता खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की शिकायत तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग से करें।