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स्मार्ट मीटर की सिरदर्दी: प्रीपेड से पोस्टपेड हुए तो भागने लगा बिल, आगरा में बिजली उपभोक्ता हुए घनचक्कर

आगरा में बिना सहमति स्मार्ट मीटर लगाए जाने और बिजली बिल कई गुना बढ़ने की शिकायतें बढ़ रही हैं। डीवीवीएनएल के खिलाफ उपभोक्ताओं का आक्रोश, शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं मिलने से लोग परेशान हैं।


  • August 04, 2026
  • 1 minute
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आगरा। स्मार्ट मीटर को लेकर एक बार फिर आगरा में उपभोक्ताओं की नाराजगी सामने आ रही है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना पुराने बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल पहले की तुलना में कई गुना बढ़कर आ रहे हैं, जबकि बिजली की खपत में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। शिकायतों के बावजूद दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) की ओर से संतोषजनक समाधान नहीं मिलने से उपभोक्ताओं में भारी रोष है।

बिचपुरी ब्लॉक के गांव सहारा निवासी महेश का कहना है कि उन्होंने न तो नया बिजली कनेक्शन लिया और न ही उनका पुराना मीटर खराब था। इसके बावजूद विभाग ने बिना अनुमति उनके घर का पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिया। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली, जिससे उनका परिवार आर्थिक दबाव में आ गया।

इसी तरह कुकथला उपकेंद्र क्षेत्र के मुन्नालाल और रोशनलाल सहित कई अन्य उपभोक्ताओं ने भी यही शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि पहले जहां हर महीने करीब 7 से 8 हजार रुपये का बिजली बिल आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद मई महीने का बिल बढ़कर 25 हजार रुपये तक पहुंच गया। इतनी बड़ी बढ़ोतरी से उपभोक्ता हैरान हैं और लगातार बिजली विभाग के अधिकारियों से जवाब मांग रहे हैं।

पीड़ित उपभोक्ताओं का आरोप है कि वे कई बार एसडीओ और अधिशासी अभियंता कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि समस्या का समाधान लखनऊ स्तर से होगा। उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी न तो बिलों की जांच की जा रही है और न ही किसी प्रकार की राहत मिल रही है।

गौरतलब है कि प्रदेशभर में स्मार्ट मीटरों को लेकर पहले भी व्यापक विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर हटाकर फेंक दिए थे और कुछ जिलों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। बढ़ते विरोध और बिलिंग में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद प्रदेश सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी थी। अब लगभग ढाई महीने बाद फिर से स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू होने से उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ गया है।

चौहटना निवासी लाल सिंह, बिचपुरी के प्रमोद कुमार समेत कई उपभोक्ताओं ने भी बिलों में भारी वृद्धि की शिकायत की है। प्रभावित लोगों का कहना है कि जब तक बिलिंग व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं होती और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने की कार्रवाई पर रोक लगाई जानी चाहिए।

उपभोक्ताओं ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जिन उपभोक्ताओं के बिल गलत तरीके से बढ़े हैं, उन्हें शीघ्र राहत प्रदान की जाए।


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