ये कैसी स्मार्ट सिटी? सड़कें बनीं सीवर लाइन, घरों में कैद लोग; बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, मकान बेचने को मजबूर परिवार
आगरा के शहीद नगर में तीन महीने से चोक नाले और सीवर के कारण सड़क व घरों में गंदा पानी भरने से लोग परेशान हैं। विरोध में लोगों ने मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाए।
आगरा। स्मार्ट सिटी आगरा में नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। शहर के वार्ड 77 स्थित शहीद नगर के टैगोर नगर और भगत सिंह चौराहे के आसपास पिछले करीब तीन महीनों से लोग सीवर और जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। चोक नाले और सीवर लाइन के कारण गंदा और बदबूदार पानी सड़कों से लेकर लोगों के घरों तक पहुंच गया है।
हालात इतने खराब हैं कि स्थानीय लोगों को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना प्रभावित हो रहा है, जबकि रास्तों पर जमा सीवर के पानी के कारण लोग मंदिर और मस्जिद तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
सड़क से घरों तक पहुंचा गंदा पानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में नाले और सीवर लाइन लंबे समय से चोक पड़े हैं। सीवर का पानी लगातार सड़कों पर बह रहा है। कई स्थानों पर मैनहोल भी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
गंदे पानी और दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
परेशान लोगों ने लगाए ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर
समस्या से परेशान क्षेत्रीय लोगों ने रविवार को नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और पुरुषों ने नगर निगम से तत्काल समस्या का समाधान कराने की मांग की।
विरोध के तौर पर कुछ लोगों ने अपने मकानों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर तक लगा दिए। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह की स्थिति बनी रही तो वे यहां रहने के बजाय किराए पर कहीं दूसरी जगह रहने को मजबूर होंगे।
क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि बार-बार शिकायत और गुहार लगाने के बावजूद नाले की सफाई और सीवर व्यवस्था को दुरुस्त नहीं कराया गया।
बच्चों की पढ़ाई और धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर लगातार जमा सीवर के पानी के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। वहीं, जलभराव के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घर से निकलने में परेशानी हो रही है।
लोगों का कहना है कि रास्तों पर गंदा पानी भरा होने के कारण मंदिर और मस्जिद तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। इससे धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
तीन महीने से समस्या, अब प्रदर्शन की चेतावनी
मिर्जा नदीम बेग, विजय अग्रवाल, मोहम्मद खली और अनीस खान ने बताया कि क्षेत्र में सीवर के मैनहोल टूटे पड़े हैं और गंदा पानी लगातार उफन रहा है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया।
वहीं दिलशाद बानो, नजमा, गुड्डो, जुबैदा, राहिल और गुड़िया ने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
नगर निगम ने दिया समाधान का भरोसा
मामले में अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने कहा कि शहीद नगर में लोगों की समस्या के समाधान के लिए निरीक्षण कराया जाएगा। स्थानीय लोग जो समस्याएं बताएंगे, उन्हें दूर कराने की कार्रवाई की जाएगी।
अब देखने वाली बात होगी कि नगर निगम का निरीक्षण और कार्रवाई कितनी जल्दी होती है और शहीद नगर के लोगों को महीनों से चली आ रही सीवर और जलभराव की समस्या से कब राहत मिलती है।