आगरा समेत फिरोजाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर सख्ती, कांवड़ मार्ग पर मांस बिक्री पर रोक; 1 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू
आगरा और फिरोजाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कांवड़ मार्ग पर मांस बिक्री पर रोक, बिना अनुमति जुलूस पर प्रतिबंध और 1 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू।
आगरा/फिरोजाबाद: आगामी धार्मिक आयोजनों और कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आगरा से सटे फिरोजाबाद जिले में प्रशासन ने 1 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा (धारा 163 बीएनएसएस) लागू कर दी है। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। बिना अनुमति किसी भी प्रकार के जुलूस, प्रदर्शन या सार्वजनिक आयोजन पर भी रोक रहेगी।
कांवड़ मार्ग पर सख्त निगरानी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने के लिए कांवड़ मार्ग पर मांस की दुकानें बंद रहेंगी। पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से पूरे मार्ग की निगरानी करेंगे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
आगरा में भी बढ़ाई गई सतर्कता
फिरोजाबाद के साथ-साथ आगरा प्रशासन भी कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रमुख शिव मंदिरों, कांवड़ मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
बिना अनुमति जुलूस और प्रदर्शन पर रोक
प्रशासन के आदेश के अनुसार, निषेधाज्ञा की अवधि में बिना सक्षम अनुमति किसी भी प्रकार के जुलूस, धरना, प्रदर्शन या सार्वजनिक सभा का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने की सहयोग की अपील
प्रशासन ने आम लोगों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है।