आगरा: बाबरपुर का नाम नहीं बदलेगा, अब सड़क कहलाएगी ‘जनकपुरी मार्ग’; नगर निगम में जाएगा नया प्रस्ताव
आगरा में बाबरपुर क्षेत्र का नाम बदलकर जनकपुरी करने के प्रस्ताव में तकनीकी अड़चन आने के बाद बदलाव किया गया है। अब पूरे क्षेत्र के बजाय बाबरपुर रोड का नाम बदलकर ‘जनकपुरी मार्ग’ करने का प्रस्ताव नगर निगम सदन में रखा जाएगा। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।
बाबरपुर का नाम नहीं बदलेगा, अब यह सड़क 'जनकपुरी मार्ग' के नाम से होगी पहचान
आगरा। रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में आगरा नगर निगम एक नया कदम उठाने जा रहा है। बाबरपुर क्षेत्र का नाम बदलकर जनकपुरी करने के प्रस्ताव में तकनीकी बाधाएं सामने आने के बाद अब नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत पूरे क्षेत्र का नाम बदलने के बजाय बाबरपुर रोड का नाम बदलकर ‘जनकपुरी मार्ग’ रखा जाएगा।
यह प्रस्ताव नगर निगम सदन में रखा जाएगा। यदि सदन से मंजूरी मिलती है, तो इसे अंतिम स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
तकनीकी कारणों से बदली योजना
दरअसल, बाबरपुर क्षेत्र का नाम बदलने का प्रस्ताव पहले तैयार किया गया था, लेकिन प्रशासनिक और राजस्व अभिलेखों से जुड़े तकनीकी कारणों के चलते पूरे क्षेत्र का नाम बदलना आसान नहीं माना गया। इसी वजह से नगर निगम ने वैकल्पिक समाधान के रूप में केवल सड़क का नाम बदलने का निर्णय लिया है।
अब प्रस्ताव के अनुसार बाबरपुर रोड को नया नाम ‘जनकपुरी मार्ग’ दिया जाएगा। इससे जनकपुरी महोत्सव से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी बढ़ावा मिलेगा और तकनीकी जटिलताओं से भी बचा जा सकेगा।
पार्षद ने सौंपा प्रस्ताव
वार्ड-88 के पार्षद वेदप्रकाश गोस्वामी ने मेयर हेमलता दिवाकर को बाबरपुर रोड का नाम बदलकर जनकपुरी मार्ग रखने का प्रस्ताव सौंपा है। उन्होंने बताया कि भावना एस्टेट के निकट हर वर्ष भव्य जनकपुरी महोत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं।
पार्षद का कहना है कि स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि मुगलकाल से जुड़े नाम के स्थान पर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला नाम दिया जाए। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
शासन की मंजूरी के बाद होगा फैसला
मेयर हेमलता दिवाकर ने बताया कि यह प्रस्ताव अभी कार्यकारिणी की बैठक में नहीं रखा गया है। इसे नगर निगम सदन में पेश किया जाएगा। सदन से पारित होने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा, जहां से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही नए नाम को आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में बाबरपुर रोड नई पहचान के साथ ‘जनकपुरी मार्ग’ के नाम से जानी जाएगी। इससे जनकपुरी महोत्सव और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।