मथुरा जन्माष्टमी 2026: श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भक्तों का सैलाब, कान्हा की झलक को बेताब श्रद्धालु
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना की। जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मथुरा-वृंदावन में भक्ति और आस्था का माहौल चरम पर है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए ब्रजभूमि पहुंच चुके हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित शहर के प्रमुख मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है। चारों ओर रंग-बिरंगी रोशनी, भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है।
इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आराध्य का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गो-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पूजा-अर्चना की।
कान्हा की एक झलक पाने को बेताब श्रद्धालु
जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार सुबह से ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। देश के अलग-अलग राज्यों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भक्त भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े दिखाई दिए।
जन्मभूमि परिसर और उसके आसपास श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया। भक्तों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की एक झलक पाने को लेकर खासा उत्साह है। लंबी कतार और भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।
भक्तों का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर पहुंचकर भगवान के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मंदिर परिसर में लगातार भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज रहे हैं।
मध्यरात्रि में होगा श्रीकृष्ण का प्राकट्य उत्सव
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मुख्य आयोजन का सबसे खास क्षण मध्यरात्रि 12 बजे होगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही जन्मभूमि परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, आरती और महाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के प्राकट्य दर्शन के साक्षी बनेंगे।
जन्मस्थान पर सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह 5:30 बजे मंगला दर्शन, 8 बजे दिव्य पंचामृत अभिषेक और 9:30 बजे पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोपहर 1 से 3 बजे तक लीला मंच पर भजन-गायन का कार्यक्रम हुआ।
रात 11 बजे गणेश वंदना, गर्भ-स्तुति और सहस्रार्चन होगा। इसके बाद मध्यरात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण प्राकट्य दर्शन और आरती होगी।
इसके बाद 12:10 से 12:30 बजे तक पयोधर महाभिषेक, 12:30 से 12:40 बजे तक जन्म-महाभिषेक और 12:45 से 12:50 बजे तक श्रृंगार आरती होगी। रात 1:55 से 2 बजे तक शयन आरती के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का समापन होगा।
जन्मभूमि मंदिर में इन सामानों पर प्रतिबंध
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए श्रद्धालुओं को कई प्रकार की वस्तुएं अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। मंदिर में प्रवेश के दौरान मोबाइल फोन, कैमरा, रिमोट की रिंग, थैला, माचिस, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, चाकू, ब्लेड और अन्य प्रतिबंधित सामान ले जाने पर रोक है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जन्मभूमि परिसर के संपर्क मार्गों पर सामानघर बनाए गए हैं। भक्त यहां अपना सामान जमा कर कूपन प्राप्त कर सकते हैं। दर्शन के बाद मंदिर से बाहर निकलकर कूपन दिखाने पर सामान वापस लिया जा सकता है।
जन्माष्टमी पर ब्रज में आस्था का महासंगम
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर पूरे ब्रज क्षेत्र में उत्सव का माहौल है। मथुरा, वृंदावन और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। प्रमुख मंदिरों को आकर्षक फूलों, रोशनी और सजावट से सजाया गया है।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की प्रतीक्षा में श्रद्धालु भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में शामिल हो रहे हैं। मध्यरात्रि में कान्हा के प्राकट्य के साथ ही मंदिरों में शंख-घंटियों की गूंज और जयकारों से पूरा ब्रज भक्तिमय होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचने के बाद जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई है। प्रशासन और पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने तथा सुचारु दर्शन व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।