आगरा मेट्रो: 19 अगस्त को आएंगे सीएमआरएस, 100 प्वाइंट पर होगी सुरक्षा जांच; सितंबर में PM कर सकते हैं लोकार्पण
आगरा मेट्रो के संचालन से पहले 19 और 20 अगस्त को सीएमआरएस की पांच सदस्यीय टीम 100 बिंदुओं पर सुरक्षा ऑडिट करेगी। रिपोर्ट सही मिलने पर मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक मेट्रो संचालन को हरी झंडी मिल सकती है।
आगरा। शहरवासियों के मेट्रो सफर का इंतजार अब खत्म होने के करीब है। आगरा मेट्रो के संचालन से पहले 19 और 20 अगस्त को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की पांच सदस्यीय टीम आगरा पहुंचकर विस्तृत सुरक्षा ऑडिट करेगी। दो दिन चलने वाले इस निरीक्षण में मेट्रो से जुड़े करीब 100 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की जाएगी।
सीएमआरएस की रिपोर्ट में सभी सुरक्षा मानक सही पाए जाने के बाद मनकामेश्वर स्टेशन से आईएसबीटी तक मेट्रो संचालन शुरू करने की अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद सितंबर के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस कॉरिडोर के लोकार्पण की संभावना जताई जा रही है।
100 बिंदुओं पर होगी सुरक्षा जांच
सीएमआरएस नीलांभ्र सेनगुप्ता के नेतृत्व में पांच सदस्यीय तकनीकी टीम आगरा आएगी। टीम मेट्रो के ट्रैक से लेकर यात्रियों की सुविधा और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था तक कई पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी।
ऑडिट में मुख्य रूप से ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, टिकटिंग व्यवस्था, स्टेशन सुविधाएं, यात्रियों की सुरक्षा, अग्निशमन उपकरण, अनाउंसमेंट सिस्टम और कंट्रोल रूम समेत करीब 100 बिंदु शामिल होंगे।
जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सुरक्षा मानकों पर संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद मेट्रो संचालन के लिए अंतिम हरी झंडी मिलने का रास्ता साफ होगा।
10 अगस्त की जगह अब 19-20 अगस्त को ऑडिट
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा के अनुसार, सीएमआरएस की टीम को पहले 10 अगस्त को आगरा आना था, लेकिन किन्हीं कारणों से निरीक्षण की तारीख बदलकर 19 और 20 अगस्त कर दी गई है।
ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक मेट्रो ट्रेन चलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से संभावित तारीख मांगी गई है। संभावना है कि सितंबर के पहले सप्ताह में मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ हो सकता है।
हालांकि, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की अंतिम तारीख आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।
फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरेगा मेट्रो ट्रैक
आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक भी निर्माण कार्य जारी है। इस कॉरिडोर में भगवान टॉकीज और शाहदरा क्षेत्र में बने फ्लाईओवर के ऊपर से मेट्रो ट्रैक गुजरेगा।
इसके लिए कुछ स्थानों पर मेट्रो के पिलर की ऊंचाई 17 से 20 मीटर तक रखी जाएगी। सामान्य हिस्सों में ट्रैक की ऊंचाई करीब 12 से 15 मीटर रहने की बात कही गई है। इससे फ्लाईओवर पर वाहनों की आवाजाही भी जारी रह सकेगी।
गर्डर रखने के दौरान फ्लाईओवर पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका जाएगा। यह काम रात के समय कराने की योजना है, ताकि दिन में यातायात और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
अब सीएमआरएस की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
आगरा मेट्रो के लिए 19-20 अगस्त का सुरक्षा ऑडिट बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 100 बिंदुओं पर होने वाली जांच में सब कुछ मानकों के अनुरूप मिलने पर मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक मेट्रो संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा।
अब शहरवासियों की निगाहें सीएमआरएस की रिपोर्ट और इसके बाद होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। अगर सभी प्रक्रियाएं तय समय के अनुसार पूरी होती हैं, तो सितंबर में आगरा को मेट्रो सेवा की सौगात मिल सकती है।