आगरा के मलपुरा में नकली दवाओं पर छापेमारी: खंडहर कमरे से करोड़ों की दवाएं बरामद, एक युवक हिरासत में
आगरा के मलपुरा में खंडहर कमरे से करोड़ों रुपये की संदिग्ध नकली दवाएं बरामद।
आगरा: आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र के धनौली में मंगलवार सुबह फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) की टीम ने एक खंडहर कमरे पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकली दवाएं बरामद की गईं। मौके पर दवाओं की पैकिंग करते मिले एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
यह कार्रवाई धनौली में तीन छतरी के पास रिहायशी क्षेत्र में बने एक खंडहर कमरे में की गई। विभाग को पिछले कई दिनों से इस स्थान पर दवाओं के भंडारण और पैकिंग की सूचना मिल रही थी। इसके बाद टीम ने करीब 12 घंटे तक संदिग्ध ठिकाने की निगरानी की।
छापेमारी से पहले 12 घंटे तक निगरानी
अधिकारियों और पुलिस की टीम सोमवार रात से ही संदिग्ध परिसर के आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे टीम को कमरे के पास दो युवक बैठे दिखाई दिए।
कुछ देर बाद इनमें से एक युवक कमरे के अंदर गया और दरवाजा खोला। इसके बाद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर परिसर की घेराबंदी की और तलाशी शुरू की।
तलाशी के दौरान युवक कमरे के अंदर दवाओं की पैकिंग करता मिला। उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। अधिकारियों की ओर से युवक से दवाओं के स्रोत और उसकी भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है।
तीन जिलों की ड्रग टीमों ने शुरू की जांच
कार्रवाई की जानकारी लखनऊ स्थित विभागीय कार्यालय को दी गई। इसके बाद फिरोजाबाद और हाथरस से भी ड्रग विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।
तीनों टीमों ने संयुक्त रूप से कमरे में रखी दवाओं को कब्जे में लिया। इसके साथ ही दवाओं के स्टॉक, पैकेजिंग और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई।
कई तरह की दवाओं की पेटियां मिलीं
तलाशी के दौरान केटोरॉल, कार्डेस, एलेग्रा, एलेग्रा-एम, लोसर-एच और जुलरा समेत कई दवाओं की पेटियां बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
ड्रग विभाग अब इन दवाओं की वास्तविकता, स्रोत और भंडारण से जुड़े नियमों की जांच कर रहा है। अधिकारियों द्वारा यह भी पता लगाया जा रहा है कि दवाएं कहां से लाई गई थीं और खंडहर कमरे में इनकी पैकिंग किस उद्देश्य से की जा रही थी।
दवाओं के नेटवर्क की जांच जारी
अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद दवाएं कहां से आईं और इस गतिविधि से कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। जांच में अन्य स्थानों और व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।
बरामद दवाओं को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। दवाओं के नमूनों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई विभागीय जांच और रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
पुलिस और ड्रग विभाग की टीमें हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ कर रही हैं और कथित तौर पर जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
बरामद दवाओं की वास्तविक प्रकृति और उनकी गुणवत्ता की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच और परीक्षण पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी