Agra: 35 दिन से महिलाओं का आंदोलन जारी, फिर भी नहीं हटा शराब का ठेका; सिस्टम पर उठे सवाल
आगरा के जयपुर हाउस स्थित आलोक नगर में रिहायशी इलाके के बीच शराब के ठेके के विरोध में महिलाओं का धरना 35वें दिन भी जारी रहा। स्थानीय लोगों ने शराबियों के जमावड़े और अभद्र व्यवहार की शिकायत करते हुए ठेका हटाने की मांग की।
आगरा। जयपुर हाउस स्थित आलोक नगर में रिहायशी इलाके के बीच संचालित शराब के ठेके के विरोध में महिलाओं का धरना सोमवार को 35वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद ठेका बंद या स्थानांतरित न होने से स्थानीय महिलाओं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
महिलाओं का आरोप है कि रिहायशी क्षेत्र में शराब का ठेका होने के कारण आसपास का माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि ठेके के आसपास सुबह से देर शाम तक शराब पीने वालों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। इससे महिलाओं, युवतियों और परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शराबियों के जमावड़े से परेशान स्थानीय लोग
स्थानीय निवासी विनय यादव का कहना है कि ठेके के कारण कालोनी में लगातार लोगों की भीड़ रहती है। कई बार गाड़ियों में शराब पीने और अभद्र व्यवहार की घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
महिलाओं और स्थानीय निवासियों का दावा है कि क्षेत्र में युवतियों से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार जैसी घटनाओं से भी परेशानी बढ़ी है। उनका कहना है कि परिवारों के लिए रिहायशी इलाके में इस तरह का माहौल चिंता का विषय बन गया है।
कई डॉक्टरों के पलायन का दावा
कांग्रेस नेता अनुज शर्मा ने धरने को समर्थन देते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में बिगड़ते माहौल और प्रशासन की कथित लापरवाही के चलते कई डॉक्टर यहां से पलायन कर चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रहने वाले परिवार भी लगातार असुरक्षा और असुविधा महसूस कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों और विरोध के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दिया समर्थन
सोमवार को कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आलोक नगर पहुंचा और आंदोलन कर रही महिलाओं को अपना समर्थन दिया। नेताओं ने महिलाओं की मांग को जायज बताते हुए प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की।
वहीं, महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक शराब का ठेका बंद या रिहायशी क्षेत्र से हटाया नहीं जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
35 दिन बाद भी समाधान का इंतजार
आलोक नगर में चल रहा यह आंदोलन अब एक महीने से अधिक समय पूरा कर चुका है। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अपने दैनिक काम-काज को छोड़कर धरना देने का फैसला इसलिए किया है, क्योंकि लंबे समय से उनकी समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अब सवाल यह है कि 35 दिनों से जारी महिलाओं के विरोध के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग कब इस मामले में ठोस कदम उठाएंगे? फिलहाल धरना जारी है और स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।