जन्माष्टमी 2026: कान्हा के झूलों और बांसुरी से सजे बाजार, मथुरा-राजकोट-नाथद्वारा से आई पोशाक; देखें तस्वीरें
आगरा में जन्माष्टमी 2026 को लेकर रावतपाड़ा और राजामंडी बाजार सज गए हैं। मथुरा, राजकोट और नाथद्वारा से आई कान्हा की खास पोशाक और शृंगार सामग्री।
आगरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर आगरा के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियों के लिए रावतपाड़ा और राजामंडी बाजार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। दुकानों पर लड्डू गोपाल की रंग-बिरंगी पोशाक, मुकुट, झूले, बांसुरी, मोरपंख और शृंगार सामग्री सजाई गई है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। त्योहार को लेकर बाजारों में खरीदारी तेज हो गई है। खास बात यह है कि कान्हा की पोशाक और शृंगार का सामान मथुरा के साथ-साथ राजकोट और नाथद्वारा से भी मंगाया गया है।
तीन महीने पहले शुरू हो जाती है तैयारी
रावतपाड़ा के विक्रेता रजत गर्ग ने बताया कि जन्माष्टमी की तैयारी दुकानदार करीब तीन महीने पहले से शुरू कर देते हैं। लड्डू गोपाल की पोशाक और मुकुट के ऑर्डर काफी पहले दे दिए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि बाजार में अधिकांश सामान मथुरा से आता है। इसके अलावा राजकोट, नाथद्वारा और स्थानीय क्षेत्रों से भी विशेष डिजाइन की पोशाक और शृंगार सामग्री मंगाई जाती है।
लड्डू गोपाल की पोशाक 5 रुपये से लेकर 600 रुपये तक उपलब्ध है। वहीं मुकुट की कीमत 5 रुपये से शुरू होकर 300 रुपये तक है। अलग-अलग आकार और डिजाइन के कारण श्रद्धालुओं के पास खरीदारी के लिए कई विकल्प मौजूद हैं।
100 रुपये में मिल रहा कान्हा का पूरा शृंगार सेट
राजामंडी के विक्रेता संजय जैसवानी ने बताया कि इस बार भगवान के शृंगार का विशेष सेट भी लोगों को खूब पसंद आ रहा है। करीब 100 रुपये के इस सेट में कान्हा के कुंडल, कंगन, गले का हार, बांसुरी और मोरपंख शामिल हैं।
श्रद्धालु लड्डू गोपाल को जन्माष्टमी के दिन विशेष रूप से सजाने के लिए इन सेटों की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में शृंगार सामग्री की मांग लगातार बढ़ रही है।
बच्चों को कान्हा बनाने की भी तैयारी
जन्माष्टमी पर बच्चों को कान्हा के रूप में सजाने के लिए भी अभिभावक बाजार पहुंच रहे हैं। दुकानों पर बच्चों की कान्हा वाली पोशाक, मुकुट और बांसुरी की बिक्री बढ़ गई है।
महिलाएं अपने छोटे बच्चों के लिए खास तौर पर पोशाक और मुकुट खरीद रही हैं। जन्माष्टमी के दिन स्कूलों और घरों में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी बच्चों के लिए कान्हा का रूप तैयार करने की तैयारी चल रही है।
बेटे की पहली जन्माष्टमी, कान्हा का रूप देंगी सविता
बिचपुरी निवासी सविता के लिए इस बार जन्माष्टमी खास है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे की यह पहली जन्माष्टमी है। वह पहली बार अपने बेटे को कान्हा का रूप देंगी।
इसके लिए उन्होंने पोशाक, मुकुट और बांसुरी खरीदी है। सविता ने बताया कि घर में लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना की जाएगी और जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
जन्माष्टमी पर बिना अंडे के खास केक भी तैयार
जन्माष्टमी को लेकर बेकरी कारोबारियों ने भी विशेष तैयारी की है। आवास विकास स्थित एक बेकरी में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए बिना अंडे के विशेष केक तैयार किए गए हैं।
बेकरी संचालक वेदपाल धर ने बताया कि केक बनाते समय शुद्धता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है। जन्माष्टमी के लिए तैयार किए गए इन केक की कीमत 400 रुपये से 900 रुपये तक है।
बाजारों में बढ़ती जा रही है रौनक
जन्माष्टमी का पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, आगरा के बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। रावतपाड़ा और राजामंडी में दुकानों पर सजे मुकुट, पोशाक, बांसुरी और झूले लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
मथुरा, राजकोट और नाथद्वारा से आई खास पोशाकों और शृंगार सामग्री ने बाजारों की रौनक और बढ़ा दी है। घरों और मंदिरों में कान्हा के स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है उस शुभ घड़ी का, जब आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा।