मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा दौरे से पहले हिंदू महासभा कार्यकर्ता नजरबंद, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा दौरे से पहले आगरा में हिंदू महासभा कार्यकर्ता नजरबंद किए गए। संगठन ने राष्ट्र ध्वज मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्माष्टमी के अवसर पर प्रस्तावित मथुरा दौरे से पहले आगरा में पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। अखिल भारत हिंदू महासभा के कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने नजरबंद किया है। महासभा ने राष्ट्र ध्वज और भगवा ध्वज के अपमान के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का ऐलान किया था। इसके बाद पुलिस ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर बढ़ा दी।
मुख्यमंत्री से मिलने का किया था ऐलान
अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से शास्त्रीपुरम क्षेत्र में कूड़े के ढेर में राष्ट्र ध्वज और भगवा ध्वज पड़े मिलने का मामला उठाया गया था। संगठन ने इस संबंध में सिकंदरा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
महासभा का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखने का ऐलान किया गया था।
निशा ठाकुर नजरबंद
महासभा के मुख्यमंत्री से मिलने के ऐलान के बाद पुलिस ने संगठन की निशा ठाकुर को नजरबंद कर लिया। वहीं, महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौड़ और अवतार सिंह गिल के घर पर भी पुलिस पहुंची, लेकिन दोनों वहां मौजूद नहीं मिले।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं में नाराजगी की स्थिति है। महासभा की ओर से मामले में कार्रवाई और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई जा रही है।
मथुरा दौरे को लेकर सुरक्षा बढ़ी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान मथुरा दौरे को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आगरा सहित आसपास के जिलों में भी संभावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर पुलिस सतर्क है।
प्रशासन की प्राथमिकता मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इसी के तहत संभावित प्रदर्शन या विरोध की आशंका वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही है।
राष्ट्र ध्वज और भगवा ध्वज मामले में कार्रवाई की मांग
महासभा का कहना है कि शास्त्रीपुरम में कूड़े के ढेर में राष्ट्र ध्वज और भगवा ध्वज मिलने की घटना गंभीर है। संगठन ने पुलिस से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब मुख्यमंत्री के मथुरा दौरे से पहले महासभा कार्यकर्ताओं की नजरबंदी के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर संगठन की आगे की प्रतिक्रिया का इंतजार है।