क्या यूपी में मिला इबोला का केस? कांगो से आगरा लौटे दो युवक आइसोलेट, स्वास्थ्य विभाग ने दी बड़ी जानकारी
कांगो से आगरा लौटे दो युवकों को परिवार सहित होम आइसोलेट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों की निगरानी और इबोला को लेकर स्थिति स्पष्ट की।
आगरा। कांगो से आगरा लौटे दो युवकों को इबोला संक्रमण की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा गया है। दोनों युवकों के परिवार के सदस्यों को भी एहतियातन आइसोलेट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों युवकों की स्क्रीनिंग की और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों युवकों में फिलहाल इबोला संक्रमण से जुड़े किसी तरह के लक्षण नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक अभी दोनों के नमूने नहीं लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सात दिन तक उनकी निगरानी करेगा।
कांगो से लौटे थे दोनों युवक
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कांगो से लौटे दोनों युवकों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की गई थी। इनमें एक 32 वर्षीय युवक 28 अगस्त को मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा था। वहीं दूसरा युवक भी 28 अगस्त को दिल्ली के रास्ते आगरा पहुंचा।
स्वास्थ्य विभाग को दोनों युवकों की एयरपोर्ट स्क्रीनिंग और जांच से संबंधित जानकारी भेजी गई थी। इसके बाद आगरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई और दोनों के घर पहुंचकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।
स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?
प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस का संक्रमण सामने आने के कारण वहां से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की जा रही है। आगरा लौटे दोनों युवकों की भी स्क्रीनिंग की गई है।
उन्होंने बताया कि दोनों में फिलहाल किसी तरह के लक्षण नहीं हैं और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी उनके नमूने नहीं लिए गए हैं। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार सात दिन तक उनकी निगरानी की जाएगी।
लक्षण दिखे तो लिया जाएगा सैंपल
रैपिड रिस्पांस टीम के प्रभारी डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार प्रभावित क्षेत्र से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की जाती है और संबंधित जिलों के स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि आगरा पहुंचने के बाद टीम ने दोनों युवकों की स्क्रीनिंग की है। फिलहाल उनमें इबोला संक्रमण से जुड़े कोई लक्षण नहीं मिले हैं। यदि सात दिन की निगरानी के दौरान बुखार, कमजोरी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं तो उनका सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।
क्या आगरा में मिला इबोला का केस?
फिलहाल आगरा में इबोला संक्रमण के किसी पुष्ट मामले की जानकारी नहीं है। कांगो से लौटे दोनों युवकों को एहतियात के तौर पर निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि केवल प्रभावित देश से लौटने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति इबोला संक्रमित है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें दोनों युवकों और उनके परिवारों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें।