जनता पूछ रही सवाल, क्या जवाब दें? सड़कों के गड्ढों पर फूटा पार्षदों का गुस्सा, नगर आयुक्त को दिया ज्ञापन
आगरा की बदहाल सड़कों और गहरे गड्ढों को लेकर पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। जनता के सवालों का हवाला देते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की।
आगरा में सड़कों की बदहाल स्थिति और जगह-जगह बने गहरे गड्ढों को लेकर पार्षदों का गुस्सा नगर आयुक्त पर फूट पड़ा। पार्षदों ने कहा कि शहर की सड़कों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है और जनता उनसे रोज सवाल कर रही है। ऐसे में उनके पास लोगों को देने के लिए कोई जवाब नहीं है। पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रमुख सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरवाने और मरम्मत कराने की मांग की।
जून में पैचवर्क होता तो नहीं बिगड़ती हालत
वार्ड-95 बाग फरजाना से पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य शरद चौहान ने मंगलवार दोपहर नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य से मुलाकात की। उन्होंने सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उत्तर विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की स्थिति बेहद खराब है।
शरद चौहान ने कहा कि निगम के इतिहास में पहली बार सड़कों पर इतने बड़े और गहरे गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना था कि यदि जून में ही पैचवर्क करा दिया जाता तो बारिश के बाद सड़कों की यह दुर्दशा नहीं होती।
इन प्रमुख सड़कों पर बने हैं गहरे गड्ढे
पार्षद ने नगर आयुक्त को दिए ज्ञापन में शहर की कई प्रमुख सड़कों का उल्लेख किया। इनमें आरबीएस कॉलेज चौराहे से दीवानी चौराहे तक का मार्ग, खंदारी रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, लोहामंडी चौराहा, आवास विकास कॉलोनी रोड, सिकंदरा-बोदला चौराहा रोड और दयालबाग रोड शामिल हैं।
उन्होंने इन सड़कों पर बने गहरे गड्ढों को तत्काल भरवाने और जरूरी स्थानों पर स्थायी मरम्मत कराने की मांग की।
बैठक में पार्षदों ने भी जताई नाराजगी
शरद चौहान के बाद बैठक में पहुंचे अन्य पार्षदों ने भी नगर आयुक्त के सामने सड़कों की बदहाली को लेकर सवाल उठाए। पार्षदों ने कहा कि उनके वार्डों में भी सड़कों की स्थिति खराब है और स्थानीय लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं।
प्रवीणा राजावत, सुहैल कुरैशी, अनुराग चतुर्वेदी, हेमंत प्रजापति, अमित पटेल और बद्रीप्रसाद समेत अन्य पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं नगर आयुक्त के सामने रखीं।
बारिश के बाद और बढ़ी परेशानी
बारिश के कारण पहले से खराब सड़कों की स्थिति और बिगड़ गई है। गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। पार्षदों ने नगर निगम से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि केवल खानापूर्ति के बजाय सड़कों की गुणवत्ता के साथ स्थायी समाधान किया जाए।
अब पार्षदों के ज्ञापन और बैठक में उठाई गई शिकायतों के बाद नगर निगम की ओर से इन सड़कों की मरम्मत को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर शहरवासियों की नजर है