₹2,000 से ज्यादा के बिल पर UPI नहीं? आगरा के पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को रखना होगा कैश का इंतजाम
आगरा में 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के पेट्रोल-डीजल भुगतान पर UPI की जगह कैश लिया जा सकता है। पेट्रोल पंप संचालक ₹5 MDR शुल्क के विरोध में यह फैसला ले रहे हैं।
आगरा। अगर आप पेट्रोल या डीजल भरवाने के बाद UPI से भुगतान करते हैं, तो 15 अक्टूबर से आपको कुछ बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। आगरा के पेट्रोल पंप संचालकों ने ₹2,000 से अधिक के ईंधन भुगतान पर UPI की जगह नकद भुगतान लेने की तैयारी शुरू कर दी है। यह फैसला बड़े UPI लेनदेन पर प्रस्तावित ₹5 के फिक्स्ड मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में लिया गया है।
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि पहले ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर उन्हें किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता था। नई व्यवस्था में बड़े लेनदेन पर ₹5 का MDR शुल्क लगने से उनके कारोबार पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। संचालकों के मुताबिक पेट्रोल पंपों का कमीशन पहले से सीमित है, ऐसे में हर बड़े डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क देना उनके लिए मुश्किल होगा।
₹2,000 तक UPI, इससे ऊपर कैश की तैयारी
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, ₹2,000 से कम के ईंधन भुगतान पर UPI जारी रहेगा, जबकि ₹2,000 से अधिक के भुगतान के लिए नकद लेने की व्यवस्था की जा सकती है। इसका असर खास तौर पर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो वाहन में बड़ी मात्रा में पेट्रोल या डीजल भरवाते हैं।
कार का टैंक फुल कराने पर कई बार बिल ₹2,000 से ऊपर पहुंच जाता है। वहीं ट्रक और अन्य भारी वाहनों में डीजल की खरीद इससे काफी अधिक होती है। ऐसे ग्राहकों को नई व्यवस्था लागू होने के बाद नकदी साथ रखनी पड़ सकती है।
आगरा में रोजाना 35 लाख लीटर ईंधन की खपत
आगरा जिले में कुल 374 पेट्रोल पंप हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के करीब 75 पंप शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में हर दिन लगभग 10 लाख लीटर पेट्रोल और 25 लाख लीटर डीजल की खपत होती है।
इतने बड़े ईंधन कारोबार में डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी भी काफी बढ़ी है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि बड़ी संख्या में ग्राहक अब नकदी के बजाय मोबाइल से UPI भुगतान करना पसंद करते हैं। ऐसे में बड़े UPI लेनदेन पर शुल्क लगने से पंप संचालकों की लागत बढ़ सकती है।
ट्रक चालकों पर पड़ सकता है ज्यादा असर
पेट्रोल पंप संचालकों के मुताबिक ट्रक चालक अक्सर ₹2,000 से अधिक का डीजल एक बार में भरवाते हैं। ऐसे में अगर प्रत्येक बड़े UPI लेनदेन पर MDR शुल्क देना पड़ा तो रोजाना बड़ी संख्या में होने वाले भुगतान पर अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा।
संचालक केपी सिंह के मुताबिक पंप संचालकों का कमीशन पहले से ही कम है और नई व्यवस्था में ₹5 का अतिरिक्त भुगतान करना आसान नहीं होगा। उनका कहना है कि व्यवस्था में बदलाव से कारोबार पर असर पड़ सकता है और केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए।
संचालक जेएस गुप्ता ने भी बड़े UPI लेनदेन पर शुल्क को लेकर चिंता जताई। उनके अनुसार, लगातार होने वाले बड़े डिजिटल भुगतान पर शुल्क का भार सीधे पेट्रोल पंप के कारोबार की लागत को प्रभावित करेगा।
कारगिल शहीद पेट्रोल पंप पर भी कैश की तैयारी
गुरुद्वारा गुरु के ताल के पास स्थित कारगिल शहीद पेट्रोल पंप के संचालक सुशील यादव के अनुसार पिछले कुछ समय में UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अधिकांश ग्राहक मोबाइल से ही भुगतान कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कार का टैंक फुल कराने पर कई बार बिल ₹3,000 या उससे अधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में यदि ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR लागू होता है तो ऐसे भुगतान को नकद आधारित करने की तैयारी की जा रही है।
ग्राहकों को रखना पड़ सकता है कैश
अभी पेट्रोल पंप पर ग्राहक बिना नकदी रखे भी मोबाइल के जरिए आसानी से भुगतान कर सकते हैं। लेकिन प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर ₹2,000 से अधिक का पेट्रोल या डीजल खरीदने वाले ग्राहकों को नकद साथ रखना पड़ सकता है।
हालांकि, पंप संचालकों का कहना है कि MDR का शुल्क ग्राहकों से अलग से नहीं लिया जाएगा। उनका विरोध इस अतिरिक्त शुल्क के पंप संचालकों पर पड़ने वाले वित्तीय भार को लेकर है।
आगरा के पेट्रोल पंपों की फैक्ट फाइल
- 374 पेट्रोल-डीजल पंप जिले में
- 75 पेट्रोल पंप शहरी क्षेत्र में
- 206 पंप इंडियन ऑयल के
- 66 पंप भारत पेट्रोलियम के
- 85 पंप हिंदुस्तान पेट्रोलियम के
- 17 पंप नायरा के
- 25 लाख लीटर डीजल की रोजाना खपत
- 10 लाख लीटर पेट्रोल की रोजाना खपत
क्या बदलेगा 15 अक्टूबर से?
अगर प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है, तो ₹2,000 तक के ईंधन भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल जारी रखा जा सकेगा, जबकि इससे अधिक के भुगतान के लिए पेट्रोल पंप संचालक नकद भुगतान मांग सकते हैं। इसलिए वाहन में अधिक ईंधन भरवाने वाले ग्राहकों के लिए भुगतान से पहले कैश की व्यवस्था रखना जरूरी हो सकता है।