ताजमहल की सुरक्षा में बड़ी चूक! तीन महीने से खराब बैग स्कैनर, हैंडहेल्ड मशीन से हो रही जांच
ताजमहल के पश्चिमी गेट पर बैग स्कैनर करीब तीन महीने से खराब है। सीआईएसएफ जवान हैंडहेल्ड डिटेक्टर से सामान की जांच कर रहे हैं, जिससे सप्ताहांत में लंबी कतारें लग रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
आगरा। विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। ताजमहल के पश्चिमी गेट पर लगा बैग स्कैनर करीब तीन महीने से खराब पड़ा है। इसके चलते केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान अब हैंडहेल्ड डिटेक्टर की मदद से पर्यटकों के बैग और सामान की जांच कर रहे हैं। मैनुअल जांच में अधिक समय लगने के कारण खासकर शनिवार और रविवार को पर्यटकों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
ताजमहल में रोजाना बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। सप्ताहांत और छुट्टियों में यह संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में बैग स्कैनर के खराब होने से सुरक्षा जांच की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। हैंडहेल्ड डिटेक्टर से एक-एक बैग की जांच करने में समय लग रहा है, जिससे पश्चिमी गेट पर प्रवेश के दौरान भीड़ जमा हो जाती है।
स्कैनर खराब, मैनुअल जांच बनी सहारा
पश्चिमी गेट पर बैग स्कैनर खराब होने के बाद सीआईएसएफ जवान हैंडहेल्ड डिटेक्टर से पर्यटकों के सामान की जांच कर रहे हैं। सामान्य दिनों में यह व्यवस्था किसी तरह चल जाती है, लेकिन पर्यटकों की संख्या बढ़ते ही समस्या गंभीर हो जाती है।
शनिवार और रविवार को ताजमहल देखने पहुंचने वाले पर्यटकों की भारी भीड़ के बीच मैनुअल चेकिंग में ज्यादा समय लगने से लंबी लाइनें लग जाती हैं। इससे पर्यटकों को प्रवेश के लिए अधिक देर तक इंतजार करना पड़ता है।
प्रतिबंधित सामान पहुंचने का खतरा
सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि बैग की स्कैनिंग व्यवस्था प्रभावी होना बेहद जरूरी है। मैनुअल जांच के दौरान प्रतिबंधित सामान की पहचान में चूक की आशंका बनी रहती है। स्थानीय गाइडों के मुताबिक, कई बार लाइटर, सिगरेट, चाकू और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे प्रतिबंधित सामान ताजमहल परिसर के भीतर पहुंचने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
स्थानीय गाइडों का कहना है कि ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारक की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद यदि सुरक्षा जांच में इस्तेमाल होने वाला महत्वपूर्ण उपकरण महीनों तक खराब पड़ा रहे तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ स्मारक की सुरक्षा के लिए आधुनिक और प्रभावी जांच व्यवस्था जरूरी है।
इसी महीने ठीक होने की उम्मीद
सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट राकेश शुक्ला ने बताया कि बैग स्कैनर में तकनीकी खराबी आने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को इसकी जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि स्कैनर को ठीक कराने के संबंध में मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
डिप्टी कमांडेंट के मुताबिक, इसी महीने बैग स्कैनर के ठीक होने की उम्मीद है। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हैंडहेल्ड डिटेक्टर के माध्यम से पर्यटकों के सामान की जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ताजमहल की सुरक्षा देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां हर दिन हजारों पर्यटक पहुंचते हैं और बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी स्मारक का दीदार करने आते हैं। ऐसे में प्रवेश द्वार पर लगे सुरक्षा उपकरणों का लगातार चालू हालत में रहना जरूरी है।
करीब तीन महीने से बैग स्कैनर खराब होने और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मैनुअल जांच किए जाने से सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटकों की सुविधा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर स्कैनर को दुरुस्त कराएंगे, ताकि ताजमहल के पश्चिमी गेट पर सुरक्षा जांच पहले की तरह व्यवस्थित और प्रभावी हो सके।