नंदभवन में जन्माष्टमी से पहले गूंज रहीं कान्हा के जन्म की बधाइयां, 5 सितंबर को जन्माष्टमी और 6 को नंदोत्सव
नंदगांव के नंदभवन में जन्माष्टमी से पहले कृष्ण जन्म की बधाइयां गूंज रही हैं। 5 सितंबर को जन्माष्टमी और 6 सितंबर को नंदोत्सव मनाया जाएगा।
नंदगांव। नंदगांव के नंदीश्वर पहाड़ी स्थित नंदभवन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले ही कान्हा के जन्म की बधाइयां गूंजने लगी हैं। सावन पूर्णिमा की रात से शुरू हुए पारंपरिक समाज गायन ने पूरे नंदगांव को कृष्ण भक्ति में रंग दिया है। ब्रज के पारंपरिक पदों और बधाई गायन से नंदभवन का वातावरण पूरी तरह कृष्णमय नजर आ रहा है।
नंदबाबा के आंगन में अभी कान्हा का जन्म नहीं हुआ है, लेकिन उनकी जन्म की खुशियां पहले से ही मनाई जा रही हैं। समाज गायन में ‘बोलो री, नाहिंन की बिटिया नगर बुलावौ देय’ और ‘आज बधायौ ब्रजराज कें, रानी जायौ मोहन पूत’ जैसे पारंपरिक पद गाए जा रहे हैं। इन पदों के गायन के दौरान श्रद्धालु कृष्ण जन्म की कल्पना में भाव-विभोर नजर आते हैं।
सुबह-शाम गूंज रही कृष्ण जन्म की बधाई
नंदभवन में इन दिनों सुबह और शाम कृष्ण जन्म की बधाइयां सुनाई दे रही हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर में बैठकर ब्रज की इस अनूठी लोक परंपरा का आनंद ले रहे हैं। बधाई गायन में ब्रज की लोक संस्कृति, संगीत और कृष्ण भक्ति का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है।
नंदबाबा मंदिर के सेवायत लोकेश गोस्वामी के अनुसार, सावन पूर्णिमा से शुरू हुआ समाज गायन कृष्ण पक्ष की नवमी तक चलेगा। पूर्णिमा से द्वितीया तक रात आठ बजे से रात साढ़े नौ बजे तक समाज गायन हुआ। इसके बाद प्रतिदिन दो बार दोपहर 12 बजे और रात 8:30 बजे बधाई गायन किया जा रहा है।
जन्माष्टमी से पहले ही शुरू हो जाता है उत्सव
नंदभवन में होने वाला यह बधाई गायन महज कुछ दिनों का आयोजन नहीं है, बल्कि ब्रज की सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। जन्माष्टमी से पहले ही नंदगांव की गलियों और मंदिरों में उत्सव का माहौल बनने लगता है।
श्रद्धालुओं के लिए यहां होने वाला समाज गायन विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। पारंपरिक पदों के माध्यम से कृष्ण जन्म की लीलाओं का भावपूर्ण स्मरण किया जाता है।
5 सितंबर को जन्माष्टमी, 6 सितंबर को नंदोत्सव
इस वर्ष नंदभवन में 5 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और 6 सितंबर को नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। नंदगांव की जन्माष्टमी की परंपराओं में कृष्ण जन्म से जुड़े विभिन्न रीति-रिवाजों के साथ खुर गिनती की विशेष परंपरा भी निभाई जाती है।
उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां तेज हो गई हैं। नंदभवन को आकर्षक लाइटिंग से सजाया जा रहा है। ठाकुरजी के विग्रहों के लिए नई पोशाकें तैयार कराई जा रही हैं। मंदिर की साज-सज्जा और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में सेवायत जुटे हुए हैं।
जन्माष्टमी और नंदोत्सव के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के नंदगांव पहुंचने की उम्मीद है। इसके चलते मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में भी तैयारियां की जा रही हैं।
आनंदघन जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा
इधर, नंदबाबा मंदिर में गोस्वामी समाज के प्रवर्तक आनंदघन जी का जन्मोत्सव भी बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। मंदिर प्रांगण में इस अवसर पर समाज गायन होगा। समाज के लोग पारंपरिक पदों के गायन के साथ आनंदघन जी का जन्मोत्सव मनाएंगे।
इस आयोजन के साथ नंदभवन में चल रहे भक्ति और उत्सव के माहौल में एक और आध्यात्मिक रंग जुड़ जाएगा। जन्माष्टमी से पहले ही नंदगांव में चारों ओर कृष्ण भक्ति और ब्रज संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।