सीएम ग्रिड के काम में गुणवत्ता पर सवाल: राइट्स की जांच में फेल हुए निर्माण सामग्री के नमूने, मंडलायुक्त ने दिए कार्रवाई के निर्देश
आगरा में सीएम ग्रिड योजना के तहत सीवर लाइन निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के नमूने राइट्स की थर्ड पार्टी जांच में फेल मिले। मंडलायुक्त ने दोषी इंजीनियरों पर कार्रवाई और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए।
आगरा। सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर में सीवर लाइन और सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बसई मंडी से इंदिरापुरम चौराहे के बीच चल रहे निर्माण कार्य की थर्ड पार्टी ऑडिट में कुछ निर्माण सामग्री के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) की जांच में नमूने फेल मिलने के बाद मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
42.78 करोड़ की सड़क के काम में सामने आई कमी
बसई मंडी से इंदिरापुरम चौराहे तक करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 42.78 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इस परियोजना का करीब 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और सीवर लाइन भी बिछाई जा चुकी है।
मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में सीएम ग्रिड योजना की समीक्षा बैठक के दौरान निगम अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी। इसी दौरान राइट्स के अधिकारी ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने के दौरान इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री के लैब टेस्ट कराए गए थे। जांच में कुछ नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
राइट्स की ओर से इसकी रिपोर्ट नगर निगम अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। नमूने फेल होने की जानकारी मिलते ही मंडलायुक्त ने नगरायुक्त संतोष कुमार से पूछा कि संबंधित इंजीनियर या अधिकारी के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने कार्रवाई की रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अन्य निर्माण स्थलों की भी होगी जांच
मंडलायुक्त ने शहर में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से नियमित अंतराल पर निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। सभी साइटों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ मजदूरों की संख्या का भी मूल्यांकन किया जाए, ताकि काम समय पर पूरा हो सके।
गौरतलब है कि 28 जून को आगरा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम ग्रिड योजना के कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए थे।
ठेकेदार पर भी कार्रवाई की चेतावनी
बैठक में टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार होते हुए नेशनल हाईवे-19 तक बन रही 2.88 किलोमीटर लंबी सड़क की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना पर करीब 75.40 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और अभी लगभग 22 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव की समस्या सामने आने पर मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण के दौरान जलभराव के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित ठेकेदार और अनुबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर हर्जाना भी वसूला जाएगा।
कई प्रमुख सड़कों पर चल रहा काम
सीएम ग्रिड योजना के तहत हरीपर्वत चौराहे से दिल्ली गेट होते हुए रवि अस्पताल तक करीब 1.25 किलोमीटर सड़क का निर्माण 31.82 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस मार्ग पर भूमिगत कार्य लगभग पूरा हो चुका है और आरसीसी सड़क का काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, एमजी रोड स्थित सुभाष पार्क से कोठी मीना बाजार रोड होते हुए मारुति स्टेट चौराहे तक करीब 79.15 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है। मंडलायुक्त ने यहां भी काम की गति बढ़ाने और मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर में करीब आधा दर्जन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। राइट्स की रिपोर्ट में निर्माण सामग्री के नमूने फेल होने के बाद अब अन्य परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच पर भी निगाहें टिक गई हैं।