रक्षाबंधन से पहले मिठाई की दुकानों पर छापा, घेवर-घी-पनीर समेत 16 नमूने लिए
रक्षाबंधन से पहले आगरा में खाद्य विभाग ने मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सैंया टोल प्लाजा पर 7 हजार लीटर घटिया दूध और फतेहाबाद में 45 किलो मिलावटी खोआ नष्ट कराया गया। साथ ही घेवर, घी, पनीर समेत 16 नमूने जांच के लिए लिए गए।
आगरा। रक्षाबंधन से पहले मिठाई और दूध में मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आगरा में बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर जांच करते हुए घेवर, घी, पनीर, खोआ, दही समेत खाद्य पदार्थों के 16 नमूने लिए हैं। वहीं सैंया टोल प्लाजा पर जांच के दौरान करीब 7 हजार लीटर घटिया दूध पकड़ा गया, जिसे मौके पर नष्ट कराया गया। फतेहाबाद में भी 45 किलो मिलावटी खोआ नष्ट कराया गया है। दोनों मामलों में नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
सैंया टोल प्लाजा पर पकड़ा गया 7 हजार लीटर दूध
सहायक आयुक्त द्वितीय खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, खाद्य विभाग की टीम मंगलवार रात से सैंया टोल प्लाजा पर खाद्य पदार्थों से भरे टैंकर और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुरैना की ओर से आए टैंकर एमपी 06 जीए-3008 को रोका गया।
टैंकर में करीब 7 हजार लीटर दूध मिला, जिसमें दुर्गंध आ रही थी। चालक रामनिवास कुशवाह ने दूध को मुरैना स्थित त्यागी दूध डेयरी का बताया। टीम ने उससे दूध का बिल, लैब जांच रिपोर्ट और खरीद-बिक्री से संबंधित लाइसेंस मांगा, लेकिन वह दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
खाद्य विभाग के मुताबिक, दूध की कीमत करीब 1.75 लाख रुपये थी। गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर पूरे दूध को नष्ट करा दिया गया और नमूना जांच के लिए लैब भेजा गया।
फतेहाबाद में 45 किलो मिलावटी खोआ मिला
फतेहाबाद के गांव नाथूपुर स्थित श्री श्याम सिंह के प्रतिष्ठान पर भी खाद्य विभाग ने कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में करीब 45 किलो खोआ मिलावटी प्रतीत हुआ। इसमें वनस्पति तेल मिलाए जाने की आशंका जताई गई है।
खाद्य विभाग ने खोआ नष्ट करा दिया, जिसकी कीमत करीब 29 हजार रुपये बताई गई। इसी प्रतिष्ठान से 52 किलो वनस्पति भी मिला, जिसे सीज कर दिया गया। खोआ और वनस्पति तेल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
घेवर, घी, पनीर समेत 16 नमूने लिए
रक्षाबंधन को देखते हुए खाद्य विभाग ने मिठाई और डेयरी उत्पादों की दुकानों पर भी अभियान चलाया। टीम ने सदर भट्ठी, नाई की मंडी, मदिया कटरा, खंदारी, किशोरपुरा, आवास विकास कॉलोनी, रहनकला और अछनेरा समेत कई स्थानों से घेवर, देसी घी, मेवा बाटी, काजू कतली, पनीर, दही, गुजिया और खोआ लड्डू के नमूने लिए।
इन सभी नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की स्थिति स्पष्ट होगी और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
25 रुपये के सपरेटा दूध से 50 रुपये लीटर तक बिक्री का आरोप
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि सपरेटा दूध से क्रीम निकालने के बाद उसकी प्राकृतिक चिकनाई और पोषक तत्वों में कमी हो जाती है। आरोप है कि कुछ संचालक इसी दूध में रिफाइंड मिलाकर उसे अधिक कीमत पर बेचते हैं और इससे पनीर व खोआ भी तैयार किया जाता है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि मिलावटी और घटिया दूध व खोआ से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को दूध, खोआ और मिठाई खरीदते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
घर पर ऐसे पहचानें दूध और खोआ
दूध: यदि दूध में प्राकृतिक चिकनाई कम महसूस हो, दुर्गंध आए या स्वाद असामान्य लगे तो सावधान रहें। हालांकि केवल स्वाद या गंध के आधार पर मिलावट की पक्की पुष्टि नहीं की जा सकती। संदेह होने पर खाद्य विभाग में शिकायत करना बेहतर है।
खोआ: खोआ में जरूरत से ज्यादा चिकनाई दिखाई दे या उसका स्वाद सामान्य से अलग लगे तो उसमें मिलावट की आशंका हो सकती है। स्टार्च या अन्य पदार्थों की मौजूदगी की सही पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही होती है।
त्योहार पर मिठाई खरीदते समय साफ-सफाई, पैकिंग, निर्माण एवं उपयोग की तारीख और दुकान की विश्वसनीयता पर ध्यान दें। संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर उसका बिल जरूर लें और संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत करें।