युवती के अंग मैदा में मिलाकर कुकर में पकाए, सिर बर्तन में छुपाया; तमिलनाडु एक्सप्रेस में मिली लाश के टुकड़ों का राज
तमिलनाडु एक्सप्रेस में युवती के शव के टुकड़े मिलने से सनसनी फैल गई। जांच में शव को छिपाने और पहचान मिटाने की कोशिश के चौंकाने वाले सुराग सामने आए।
आगरा। तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में ट्रॉली बैग के अंदर मिले मानव अंगों के मामले में 19 दिन बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की पड़ताल में मृतका की पहचान हयातुन निशा के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि वह जिन युवक-युवती के साथ किराए के मकान में रह रही थी, उन्हीं पर उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का शक है।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव के अलग-अलग हिस्सों को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। सिर को घर में एक बर्तन में छिपाकर रखा गया, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों को नष्ट करने की कोशिश किए जाने की बात जांच में सामने आई है। हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में मिला था ट्रॉली बैग
5 अगस्त की सुबह तमिलनाडु एक्सप्रेस आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन के जनरल कोच में एक लावारिस ट्रॉली बैग पड़ा मिला। एक यात्री की सूचना पर जीआरपी ने बैग को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
बैग के अंदर लाल रंग के सूटकेस में मानव शरीर के 18 टुकड़े मिले थे। घटना के बाद पुलिस और रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। शव की पहचान और हत्या की वजह पता लगाने के लिए जांच कई स्तरों पर शुरू की गई।
चेन्नई के CCTV से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने चेन्नई रेलवे स्टेशन समेत कई स्थानों की CCTV फुटेज खंगाली। करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज की जांच के बाद पुलिस को एक अहम सुराग मिला।
फुटेज में एक युवक और युवती लाल रंग का ट्रॉली बैग लेकर जाते हुए दिखाई दिए। इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस टीम चेन्नई के गुदुवांचेरी स्थित मसूथी स्ट्रीट पहुंची।
जांच में पता चला कि युवक-युवती उसी मकान में रहते थे, जहां 45 वर्षीय हयातुन निशा भी रहती थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों कुछ दिनों से गायब हैं।
घर की तलाशी में मिला महिला का सिर
पुलिस ने जब संबंधित मकान की तलाशी ली तो वहां एक बर्तन में मानव सिर मिला। जांच के बाद उसकी पहचान हयातुन निशा के रूप में की गई।
बताया गया है कि हयातुन निशा मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली थी और एक निजी कंपनी में काम करती थी। वह घटना से करीब 15 दिन पहले ही इस मकान में रहने के लिए आई थी।
सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित के अनुसार, उसके साथ रहने वाले युवक-युवती की पहचान असम निवासी माणिकउद्दीन लश्कर और ओडिशा निवासी भगवती मांझी के रूप में हुई है। दोनों की तलाश की जा रही है।
हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, युवक-युवती पर हयातुन निशा की हत्या करने और शव को अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाने का शक है। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद शरीर के हिस्सों को नष्ट करने की कोशिश की गई।
हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम स्पष्ट होगा। फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
बेटे से अलग रहती थी हयातुन निशा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि हयातुन निशा पहले अपने बेटे के साथ रहती थी। बाद में दोनों अलग रहने लगे थे। पुलिस के मुताबिक, बेटे ने अपनी मां की जीवनशैली को लेकर अलग रहने की बात बताई है।
जांच में हयातुन निशा और आरोपी माणिकउद्दीन लश्कर के बीच कथित संबंधों की बात भी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि संबंधों या पैसों को लेकर विवाद हत्या की वजह हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही हो सकेगी।
मामला चेन्नई जीआरपी को स्थानांतरित
घटना से जुड़े सुराग चेन्नई में मिलने के बाद मामले की आगे की कार्रवाई चेन्नई जीआरपी द्वारा की जाएगी। आगरा जीआरपी ने जांच में मिले महत्वपूर्ण सुराग संबंधित टीम को सौंप दिए हैं।
तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में मानव अंग मिलने के बाद शुरू हुई जांच अब हयातुन निशा की पहचान तक पहुंच गई है। 19 दिन तक चली पड़ताल और 350 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज की जांच के बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता मिला है। अब दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी कहानी सामने आने की उम्मीद है।