यमुना का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता: प्रशासन अलर्ट, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर तैयार; 1600 से अधिक परिवारों पर मंडराया खतरा
आगरा में यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट हो गया है। 1600 से अधिक परिवार संभावित बाढ़ की जद में हैं। नौ बाढ़ चौकियां और छह राहत शिविर तैयार किए गए हैं।
आगरा। आगरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। नदी किनारे और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले 1600 से अधिक परिवारों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं। प्रशासन की टीमें लगातार जलस्तर और संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
नौ बाढ़ चौकियां और छह राहत शिविर तैयार
एसडीएम सदर बिक्रम राघव के अनुसार, यमुना के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। सदर तहसील क्षेत्र में नौ बाढ़ राहत चौकियां, छह बाढ़ राहत शिविर, 10 गोताखोर और 10 नाव व नाविकों की व्यवस्था की गई है।
राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों, ग्राम पंचायत सचिवों और पुलिस अधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जा सके।
अलग-अलग क्षेत्रों के लिए चिह्नित किए राहत केंद्र
प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के परिवारों को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग राहत केंद्र निर्धारित किए हैं।
कैलाश मंदिर और नगला फीतर सिंह क्षेत्र के करीब 200 परिवारों के लिए जरूरत पड़ने पर श्रीरामचंद्र इंटर कॉलेज, बाईंपुर में ठहरने की व्यवस्था की गई है। वहीं मऊ और गैलाना क्षेत्र के करीब 200 परिवारों के लिए जिम कार्टेट इंटर कॉलेज, गैलाना को राहत केंद्र बनाया गया है।
पोइया घाट, दयालबाग, सिकंदरपुर, खासपुर और जगनपुर क्षेत्र के करीब 200 परिवारों को जरूरत पड़ने पर राधा बल्लभ इंटर कॉलेज, अमर विहार में रखा जाएगा।
इसके अलावा बल्केश्वर घाट से जुड़े घटवासन, ठीपुरी, जगनपुर, मनोहरपुर, खासपुर, कृष्णा बाग कॉलोनी, जीवनी मंडी, राधानगर, लोहियानगर, जसवंत की छतरी, ठीपरी और न्यू आदर्श नगर सहित अन्य क्षेत्रों के प्रभावित परिवारों के लिए आईटीआई बल्केश्वर और संत रामकृष्ण महिला महाविद्यालय को राहत केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है।
आगरा फोर्ट क्षेत्र के लिए भी व्यवस्था
आगरा फोर्ट क्षेत्र के करमना, हाथीघाट (चक अब्बल) और बसई के करीब 65 परिवारों को जरूरत पड़ने पर महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज, बेलनगंज में ठहराने की व्यवस्था की गई है। वहीं नगला तलफी के करीब 35 परिवारों के लिए प्राथमिक विद्यालय को राहत केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है।
कुंडौल और अकोला क्षेत्र भी संवेदनशील
यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कुंडौल और अकोला क्षेत्र को भी संवेदनशील माना गया है। कुंडौल क्षेत्र के तनौरानूरपुर, सुल्तानपुर, बुर्ज, मेहरा, नाहरगंज, ठार रामपुर, नगला बूढ़ी, ठार शामले, कुई कुमरगढ़, सत आश्रम, पंजाब नगर, बरौली गूजर और नगला आम नदौता समेत कई गांवों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
इसके अलावा समोगर, महल, बादशाही गढ़ी और महावन क्षेत्र के लिए भी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। अकोला क्षेत्र में राजस्व टीमों को लगातार निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
एसडीएम सदर ने बताया कि प्रशासन की टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
खास तौर पर निचले और यमुना के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों को गंभीरता से लें। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं।