मौत के बाद भी नहीं बदली आदत: रेलिंग फांदकर हाईवे पार करते रहे लोग, पुलिस रोकती रही लेकिन नहीं सुधरे हालात
आगरा के एत्माद्दौला में हादसे के बाद भी लोग NH-19 की रेलिंग फांदकर हाईवे पार कर रहे हैं। सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग और फुटओवरब्रिज का इंतजार जारी है।
आगरा। एत्माद्दौला क्षेत्र में नेशनल हाईवे-19 पर रविवार को सड़क हादसे में एक राहगीर की मौत के बाद भी हाईवे पार करने का जोखिम भरा सिलसिला नहीं थमा। हादसे के कुछ देर बाद ही महिलाएं, पुरुष और बच्चे हाईवे की एक लेन से दूसरी लेन तक जाते दिखाई दिए। सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग की सुविधा नहीं होने के कारण लोग रेलिंग फांदकर शॉर्टकट अपनाते नजर आए।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को हाईवे पार करने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद कई लोग सुरक्षा रेलिंग पार कर दूसरी तरफ जाते रहे। तेज रफ्तार वाहनों के बीच इस तरह सड़क पार करना कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
मौत के बाद भी नहीं लिया सबक
एत्माद्दौला क्षेत्र के रामबाग और ट्रांस यमुना इलाके में हाईवे पार करते समय पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, हाईवे पर सुरक्षित पैदल रास्ता नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इसी वजह से कई लोग समय बचाने के लिए सीधे हाईवे पार करने का जोखिम उठाते हैं।
रविवार को संजय निषाद की सड़क हादसे में मौत के बाद भी हाईवे पर यही तस्वीर देखने को मिली। हादसे के बाद कुछ समय के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ी, लेकिन लोगों की समस्या का स्थायी समाधान अब भी नहीं हुआ है।
एक साल पहले दिया था धरना
स्थानीय लोगों ने करीब एक वर्ष पहले हाईवे पर सुरक्षित पैदल रास्ते की मांग को लेकर धरना दिया था। लोगों की मांग थी कि रामबाग और ट्रांस यमुना क्षेत्र के बीच आने-जाने के लिए सुरक्षित पैदल व्यवस्था की जाए।
धरने के दौरान क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने फुटओवरब्रिज बनवाने का आश्वासन दिया था। आश्वासन के बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया था, लेकिन अब तक फुटओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
रेलिंग लगी, लेकिन सुरक्षित क्रॉसिंग नहीं
हाईवे और सर्विस रोड के बीच सुरक्षा के लिए रेलिंग लगा दी गई है, लेकिन पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में लोग रेलिंग को ही पार कर हाईवे की दूसरी तरफ पहुंचने की कोशिश करते हैं।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इस रास्ते का इस्तेमाल महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी करते हैं। हाईवे पर वाहनों की तेज रफ्तार के बीच पैदल पार करना उनके लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
मेट्रो निर्माण के कारण अटका काम
क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने बताया कि फुटओवरब्रिज के निर्माण को नेशनल हाईवे की ओर से स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि, मेट्रो निर्माण कार्य के कारण फिलहाल इसका काम शुरू नहीं किया गया है।
विधायक के अनुसार, जल्द ही दोनों तरफ से मेट्रो की ओर से ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को हाईवे पार करने के लिए सुरक्षित पैदल रास्ता मिल सकेगा।
सवाल यही—कब मिलेगा सुरक्षित रास्ता?
हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद भी हाईवे पर लोगों का रेलिंग फांदकर सड़क पार करना यह बताता है कि समस्या केवल जागरूकता की नहीं, बल्कि सुरक्षित पैदल मार्ग की भी है। जब तक फुटओवरब्रिज या अन्य सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था नहीं होती, तब तक शॉर्टकट का यह जोखिम बना रह सकता है।
अब स्थानीय लोगों की नजर फुटओवरब्रिज के निर्माण पर है। सवाल यही है कि एक और हादसे का इंतजार किए बिना सुरक्षित पैदल रास्ते की व्यवस्था कब तक होगी?