आगरा में बारिश के बाद सीएम ग्रिड की सड़कों पर बढ़ी मुसीबत, कीचड़ और गड्ढों से दिनभर गिरते रहे लोग
आगरा में बारिश के बाद सीएम ग्रिड परियोजना की सड़कों पर कीचड़ और गड्ढों से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। कई दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हुए, नगर आयुक्त ने ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए।
आगरा में बारिश के बाद सीएम ग्रिड की सड़कों पर बढ़ी मुसीबत, कीचड़ और गड्ढों से दिनभर गिरते रहे लोग
आगरा: बारिश ने एक बार फिर शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति उजागर कर दी है। सीएम ग्रिड परियोजना के तहत निर्माणाधीन कई सड़कों पर खुदाई के बाद मिट्टी छोड़ दिए जाने से सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गईं। मंगलवार सुबह हुई बारिश के बाद हालात इतने खराब हो गए कि पैदल चलना और दोपहिया वाहन चलाना बेहद मुश्किल हो गया। जगह-जगह लोग फिसलकर गिरते रहे और कई लोग चोटिल भी हुए।
इन सड़कों पर सबसे ज्यादा परेशानी
दिल्ली गेट से हरीपर्वत चौराहा, बसई से इंद्रापुरम, इंद्रापुरम से अमर होटल, सुभाष पार्क से कोठी मीना बाजार, मारुति एस्टेट और टेढ़ी बगिया 100 फुटा रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर बारिश के बाद कीचड़ और गहरे गड्ढों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाया और कई लोग फिसलकर गिर गए।
स्थानीय लोगों ने सुनाई आपबीती
क्षेत्रीय निवासी रमेश त्रिगुनायत ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ स्कूटी से जा रहे थे। अमर होटल के पास सड़क पर फिसलकर गिर गए, जिससे उनके हाथ में चोट लग गई।
वहीं बसई निवासी जीतू कुशवाह का कहना है कि खुदाई के बाद सड़क पर मिट्टी छोड़ देने से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। कीचड़ के कारण लोगों के कपड़े खराब हो रहे हैं और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
निरीक्षण में नगर आयुक्त को मिले गड्ढे और जलभराव
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार तक सीएम ग्रिड परियोजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गहरे गड्ढे, जलभराव और टूटा हुआ नाला मिला, जिससे आसपास की छह गलियों में पानी भर गया था।
उन्होंने संबंधित ठेकेदारों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क पर छोड़ी गई मिट्टी तुरंत हटाई जाए, गड्ढे भरे जाएं और निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाए रखा जाए।
ठेकेदारों को दिए सख्त निर्देश
नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक परियोजना पूरी नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक मार्ग की देखरेख और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों की होगी। किसी भी तरह की लापरवाही से यदि हादसा होता है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर और सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम भी मौजूद रहे।
लोगों की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए निर्माणाधीन सड़कों पर तुरंत मिट्टी हटाई जाए, गड्ढों की मरम्मत की जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि रोजाना होने वाले हादसों पर रोक लग सके।