आगरा का लाचार सिस्टम: चार साल में 30वीं बार धंसी दयालबाग की सड़क, कार समाने जितना हुआ गड्ढा
आगरा के दयालबाग में सीवर लाइन में रिसाव के कारण सड़क फिर धंस गई। चार साल में करीब 30वीं बार सड़क धंसने का दावा, 6.50 करोड़ में सीवर लाइन बदलने का प्रस्ताव।
आगरा। दयालबाग क्षेत्र में सीवर लाइन में रिसाव के कारण बुधवार को एक बार फिर सड़क धंस गई। 100 फुटा रोड से अदनबाग तक करीब दो किलोमीटर के हिस्से में सड़क धंसने की यह करीब 30वीं घटना बताई जा रही है। सड़क धंसने से मौके पर गहरा और चौड़ा गड्ढा बन गया, जिसके चलते हादसे का खतरा बढ़ गया है।
स्थिति को देखते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। इसके साथ ही सीवर लाइन में रिसाव की वजह तलाशने के लिए खुदाई शुरू कर दी गई है।
सीवर लाइन में रिसाव से धंसी सड़क
दयालबाग में 100 फुटा रोड, अदनबाग और जयराम बाग को जोड़ने वाली सड़क पर सीवर लाइन से जुड़ी समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बुधवार को एक बार फिर सीवर लाइन में रिसाव के कारण सड़क का हिस्सा धंस गया।
मरम्मत के लिए पहुंची वीए टेक वबाग की टीम ने पहले प्रभावित क्षेत्र में बैरिकेडिंग कराई और इसके बाद सड़क की खुदाई शुरू की। टीम क्षतिग्रस्त सीवर लाइन की तलाश में जुटी रही।
कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर तनवीर शर्मा के अनुसार, लीकेज का स्थान मिलने के बाद सीवर लाइन की मरम्मत की जाएगी।
चार साल में करीब 30 बार धंस चुकी सड़क
स्थानीय निवासियों का कहना है कि दयालबाग के इस हिस्से में सड़क धंसने की समस्या लगातार सामने आती रही है। क्षेत्रीय निवासी सौरभ चौधरी के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में यहां कई बार बड़े गड्ढे बन चुके हैं। कुछ स्थानों पर गड्ढों की चौड़ाई 15 से 125 फीट तक होने का दावा किया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार सड़क धंसने और हादसों की आशंका के बावजूद सीवर लाइन को पूरी तरह बदलने का काम अभी तक शुरू नहीं किया गया है।
अदनबाग मोड़ पर भी खतरा
बुधवार को सड़क धंसने के बाद अदनबाग मोड़ के आसपास दो अन्य स्थानों पर भी सड़क धंसने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
गहरे गड्ढे में कोई व्यक्ति या वाहन न गिर जाए, इसके लिए मौके पर बैरिकेडिंग की गई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क की मरम्मत के साथ-साथ सीवर लाइन की मूल समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
10 अगस्त को भी धंसी थी सड़क
दयालबाग क्षेत्र में सड़क धंसने की घटना लगातार सामने आ रही है। इससे पहले 10 अगस्त को जयराम बाग के पास भी सड़क धंस गई थी।
बार-बार होने वाली इन घटनाओं से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मरम्मत के बाद भी सड़क कुछ समय में फिर क्यों धंस जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल सड़क की ऊपरी सतह की मरम्मत करने के बजाय पुरानी और खराब सीवर लाइन को बदलना जरूरी है।
6.50 करोड़ रुपये में बदली जाएगी पूरी सीवर लाइन
दयालबाग की जर्जर सीवर लाइन को बदलने के लिए जल निगम की ओर से 6.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर नगर निगम को सौंपा गया था। हालांकि, अभी तक इस कार्य के लिए बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है।
पार्षद भरत शर्मा के अनुसार, दयालबाग की पूरी सीवर लाइन जर्जर हो चुकी है। बताया गया है कि लाइन करीब 12 वर्ष पुरानी है, लेकिन इसमें इस्तेमाल किए गए सीवर पाइप की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
सीवर मैनहोल की खराब स्थिति भी लीकेज की एक वजह बताई जा रही है। ऐसे में पूरी लाइन को बदलने की मांग की जा रही है।
लोगों को स्थायी समाधान का इंतजार
दयालबाग में बार-बार सड़क धंसने की घटनाओं ने क्षेत्र की सीवर और सड़क व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार गड्ढा भरने और सड़क की मरम्मत करने के बजाय समस्या की जड़ तक पहुंचना जरूरी है।
यदि 6.50 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजना को बजट मिलता है और पूरी सीवर लाइन बदली जाती है, तो भविष्य में सड़क धंसने की घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद की जा सकती है।
फिलहाल सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और क्षतिग्रस्त सीवर लाइन की तलाश जारी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस बार कितनी जल्दी समस्या का स्थायी समाधान करते हैं।