औरंगजेब के 5000 सैनिकों को कैसे दिया चकमा? मुगल सेना को चटाई धूल, जीवंत हुई शिवाजी महाराज की गौरवगाथा
आगरा कॉलेज में शिव चातुर्य दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से निकलने की ऐतिहासिक गाथा नाट्य, युद्धकला और संगीत के जरिए जीवंत हुई।
आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में रविवार को शिव चातुर्य दिवस के अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज के औरंगजेब की कैद से निकलने की ऐतिहासिक गाथा मंच पर जीवंत हो उठी। महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने युद्धकला, संगीत और नाट्य प्रस्तुति के जरिए शिवाजी महाराज के शौर्य और रणनीति को दर्शाया।
कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशजों समेत महाराष्ट्र से आए करीब 100 सदस्यीय दल ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले, मंत्री एवं छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक आगरा के समन्वयक जयकुमार रावल सहित अन्य अतिथियों ने किया।
कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हिंदू शासकों और उनके साम्राज्यों की शौर्यगाथाओं को इतिहास में पर्याप्त स्थान नहीं मिला। उन्होंने बताया कि कोठी मीना बाजार स्थित राम सिंह की कोठी को संग्रहालय और स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 100 फुट ऊंची छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा प्रस्तावित है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से जिला प्रशासन को नौ करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
1,253 किलोमीटर की गरुड़ झेप यात्रा
कार्यक्रम में गरुड़ झेप यात्रा की भी जानकारी दी गई। यह यात्रा आगरा से राजगढ़ तक 1,253 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और चार राज्यों के 78 शहरों से होकर गुजरेगी। इसमें करीब 1,000 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल होंगे। इस दौरान गरुड़ झेप पुस्तक और पोर्टल का विमोचन भी किया गया।
यात्रा संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि पहली बार इस यात्रा को पूरा करने में 35 दिन का समय लगा था।
72 किरदार निभाकर कलाकार ने किया हैरान
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा गोवा ओमिडा डांस एवं फिटनेस एकेडमी के कलाकारों की शिव शौर्य नाट्य प्रस्तुति रही। पुणे के संगीतकार विनायक सोनावने ने हलगी वादन के जरिए महाराष्ट्र की पारंपरिक कला की झलक पेश की।
कलाकार शायली जोशी गोडबोले ने एक ही प्रस्तुति में 72 अलग-अलग किरदारों को जीवंत कर दर्शकों को चौंका दिया। नाट्य मंचन में राष्ट्रमाता जीजाबाई, छत्रपति शिवाजी महाराज, उनके सेनापतियों और अन्य ऐतिहासिक पात्रों को प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. वात्सल्य उपाध्याय, डॉ. सिमरन उपाध्याय, विजय गोयल, केके भारद्वाज, दीप विनायक पटेल, एडवोकेट मंगल सिंह, विकास सिंह, करण सिंह धाकड़, देवेश पचौरी और राजेश प्रजापति समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।