रामलीला 2026: तलवार लहराकर गरजा दशानन, रावण की शाही सवारी में दिखा लंका का वैभव
आगरा में रावण की भव्य सवारी में हाइड्रोलिक रथ पर दशानन ने तलवारें लहराकर युद्ध कौशल दिखाया।
आगरा। श्रीरामलीला महोत्सव के 149वें आयोजन के तहत मंगलवार शाम आगरा में रावण की भव्य सवारी निकाली गई। रावतपाड़ा से शुरू हुई इस शोभायात्रा में लंका की सेना, ताड़का, कुंभकर्ण और मेघनाद समेत कई आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। सबसे बड़ा आकर्षण जगमगाते हाइड्रोलिक अश्व रथ पर सवार दशानन रहा, जिसने दोनों हाथों में तलवारें लहराकर युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया।
रावण की सवारी के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक जुटे। विशाल स्वरूपों और धार्मिक झांकियों ने पूरे माहौल को रामलीला के रंग में रंग दिया। रावण के अट्टहास और भव्य स्वरूप को देखने के लिए लोग देर तक सड़कों के किनारे खड़े रहे।
ताड़का से लेकर कुंभकर्ण और मेघनाद तक दिखे विशाल स्वरूप
शोभायात्रा का शुभारंभ रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल ने रावतपाड़ा तिराहे से किया। सबसे आगे दो ऊंट चल रहे थे। इनके पीछे विशाल स्वरूप में ताड़का की सवारी थी।
शोभायात्रा में एक जेल की झांकी भी शामिल थी, जिसके माध्यम से रावण द्वारा साधु-संतों पर किए गए अत्याचारों को दर्शाया गया। इसके अलावा रावण की दो तोपें भी सवारी का हिस्सा रहीं, जिनसे गोले चलाने का प्रदर्शन किया गया।
रावण के सेनापतियों की झांकी के बाद विशालकाय कुंभकर्ण का स्वरूप लोगों के आकर्षण का केंद्र बना। इसके पीछे रावण के पुत्र मेघनाद यानी इंद्रजीत का सुसज्जित रथ चल रहा था। सुधीर और मिलन बैंड के साथ मोहन व सुदित बैंड की धार्मिक धुनों से वातावरण भक्तिमय और उत्सवी बना रहा।
हाइड्रोलिक रथ पर दिखा दशानन का रौद्र रूप
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण अंत में चल रहा दशानन का हाइड्रोलिक अश्व रथ रहा। जगमगाती रोशनी के बीच विशाल रथ पर खड़े रावण ने दोनों हाथों में तलवारें लहराकर युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। रावण का रौद्र रूप, अट्टहास और भव्य शृंगार देखने के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ जमा रही।
बच्चों में लंका की सेना, कुंभकर्ण, मेघनाद और दशानन के विशाल स्वरूपों को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। रास्ते में श्रद्धालुओं और व्यापारियों ने फूल बरसाकर रावण की सवारी का स्वागत किया।
सवारी रावतपाड़ा तिराहे से जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी नंबर-1 व 2, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी, धूलियागंज, घटिया, फुलट्टी बाजार, किनारी बाजार और कसेरट बाजार होते हुए वापस रावतपाड़ा पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने दशानन को माला पहनाई और पुष्पवर्षा की।
30 सितंबर से शुरू होगा मंचीय रामलीला का आयोजन
रामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल के अनुसार, 30 सितंबर को शाम 6:30 बजे रामलीला मैदान में मंचीय लीला का शुभारंभ होगा। पहले दिन नारद मोह और विश्वमोहिनी लीला का मंचन किया जाएगा।
12 साल राम बने पवन चतुर्वेदी अब निभा रहे रावण की भूमिका
इस बार रामलीला में एक खास बदलाव भी देखने को मिल रहा है। मथुरा निवासी पवन चतुर्वेदी, जो लगातार 12 वर्षों तक भगवान राम की भूमिका निभा चुके हैं, इस बार पहली बार रावण के किरदार में नजर आए हैं।
दशानन के किरदार को प्रभावी बनाने के लिए पवन ने अपना वजन भी बढ़ाया है। उनके अनुसार, पहले उनका वजन करीब 73 किलो था, जो अब बढ़कर 98 किलो हो गया है। उनका मानना है कि रावण के व्यक्तित्व और कद-काठी का प्रभाव मंच पर भी दिखाई देना चाहिए।
इस बार पवन के पिता प्रकाश चंद्र त्रिवेदी भी उनके साथ रामलीला में अभिनय कर रहे हैं। वह दशरथ की भूमिका निभाएंगे। पिता-पुत्र पहली बार एक ही रामलीला में अलग-अलग पात्रों के रूप में मंच पर नजर आएंगे।
पवन के मुताबिक, उनके पिता पिछले 55 वर्षों से रामलीला कमेटी से जुड़े हैं। बचपन से ही उन्हें रामलीला और धार्मिक पात्रों का मंचन करते देखकर पवन की भी अभिनय में रुचि बढ़ी। इसके बाद उन्होंने रामलीला में अलग-अलग भूमिकाएं निभानी शुरू कीं।
वर्तमान में पवन चतुर्वेदी पुरोहित आचार्य का कार्य करने के साथ अपना व्यवसाय भी करते हैं। इस बार मंच पर भगवान राम से रावण तक का उनका सफर दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है।