आगरा में 200 घरों पर बुलडोजर का खतरा! NGT में रिट के बाद बापू नगर के कब्जेदारों को सिंचाई विभाग का नोटिस
आगरा के बापू नगर में सिंचाई विभाग की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर करीब 200 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। मामला NGT तक पहुंचने के बाद कार्रवाई तेज हुई है।
आगरा। खंदारी स्थित बापू नगर में सिंचाई विभाग की बेशकीमती जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) तक पहुंचने के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। सिंचाई विभाग ने क्षेत्र के करीब 200 कब्जेदारों को जमीन खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। नोटिस जारी होने के बाद इलाके में लोगों की चिंता बढ़ गई है और मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।
बापू नगर क्षेत्र से सिंचाई विभाग की जमीन से जुड़ा सिकंदरा रजवाहा गुजरता था, जो अब अस्तित्व में नहीं है। आरोप है कि लंबे समय से नहर और विभाग की जमीन के बड़े हिस्से पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। विभाग की जमीन पर मकान और अन्य निर्माण होने की बात सामने आने के बाद अब इसे लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई है।
NGT में मामला पहुंचने के बाद जारी हुए नोटिस
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से कब्जे की स्थिति होने के बावजूद जमीन खाली कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। NGT में रिट दायर होने के बाद सिंचाई विभाग ने करीब 200 लोगों को नोटिस जारी कर संबंधित जमीन खाली करने के निर्देश दिए हैं।
नोटिस के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि लंबे समय से चले आ रहे कथित कब्जों को हटाने के लिए पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अब विभाग की ओर से नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार के अनुसार, संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बापू नगर पहुंचकर रामजीलाल सुमन ने की लोगों से मुलाकात
सिंचाई विभाग की ओर से करीब 200 मकानों को नोटिस जारी किए जाने के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन सोमवार शाम बापू नगर पहुंचे और प्रभावित लोगों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा कि किसी भी गरीब को उसके घर से बेदखल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले में समान और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
80 वर्षों से रहने वाले लोगों को नोटिस देने पर सवाल
रामजीलाल सुमन ने कहा कि बापू नगर में लंबे समय से रह रहे गरीब परिवारों को नोटिस देकर भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर हुए अन्य कथित कब्जों के खिलाफ समान कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की जमीन पर बड़े व्यावसायिक निर्माण हुए हैं और कुछ मामलों में एडीए द्वारा भू-स्वामित्व की स्थिति देखे बिना मानचित्र स्वीकृत किए जाने की बात सामने आती है।
रामजीलाल सुमन ने प्रशासन से मांग की कि बापू नगर के लोगों के खिलाफ कार्रवाई से पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि सरकारी जमीन पर अन्य स्थानों पर भी कब्जे हैं तो वहां भी समान कार्रवाई हो।
अब पूरे मामले में नजर इस बात पर है कि नोटिस जारी होने के बाद सिंचाई विभाग आगे क्या कदम उठाता है और NGT में मामले की सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से क्या जवाब दिया जाता है।