सात शिखरों से सजा जनक महल आगरा में बिखेरेगा राजसी छटा, भूमि पूजन के साथ शुरू होगा निर्माण
आगरा में जनकपुरी महोत्सव के लिए 140 फीट ऊंचा जनक महल तैयार होगा। सात शिखरों वाले महल में नेपाल और राजस्थान की राजसी वास्तुकला का संगम देखने को मिलेगा।
आगरा। उत्तर भारत के प्रसिद्ध एवं परंपरागत श्रीरामलीला महोत्सव का शुभारंभ 25 सितंबर से होने जा रहा है। इसके साथ ही आगरा में जनकपुरी महोत्सव भी इस बार भव्यता के नए आयाम स्थापित करने की तैयारी में है। भावना एस्टेट रोड पर सजाई जा रही जनकपुरी में 140 फीट ऊंचा जनक महल मुख्य आकर्षण होगा। सात शिखरों वाले इस भव्य महल में नेपाल की धार्मिक वास्तुकला के साथ उदयपुर और जयपुर की राजस्थानी स्थापत्य कला की झलक देखने को मिलेगी।
गुरुवार को होगा जनक महल का भूमि पूजन
कावेरी कौस्तुभ के पास खाली प्लॉट में बनने वाले जनक महल का निर्माण शुरू करने से पहले गुरुवार सुबह नौ बजे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ भूमि पूजन किया जाएगा। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार (राजू यादव) के अनुसार भूमि पूजन कार्यक्रम में 500 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।
बारिश को देखते हुए भूमि पूजन स्थल पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पूरे पंडाल को वाटरप्रूफ बनाया जा रहा है, जबकि बारिश के पानी से कीचड़ की समस्या न हो, इसके लिए पंडाल में फ्लोरिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। हवन स्थल और अतिथियों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोई को वास्तु के अनुसार ईशान कोण में बनाया गया है।
भूमि पूजन के बाद जनक महल का आधार तैयार करने के लिए बल्लियां लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। आयोजन समिति का लक्ष्य है कि 7 अक्टूबर को निकलने वाली श्रीराम बरात से पहले जनकपुरी को पूरी तरह तैयार कर लिया जाए। इसके लिए निर्माण और सजावट के काम को तेज कर दिया गया है।
नेपाल और राजस्थान की वास्तुकला का अनूठा संगम
इस बार जनक महल की डिजाइन को विशेष रूप से आकर्षक बनाया जा रहा है। शुरुआत में इसे नेपाल स्थित प्रसिद्ध जानकी महल की तर्ज पर तैयार करने की योजना थी, लेकिन शिखरों में राजमहल जैसा प्रभाव लाने के लिए डिजाइन में बदलाव किया गया।
अंतिम प्रारूप में नेपाल की वास्तुकला के साथ उदयपुर और जयपुर के राजमहलों की राजस्थानी स्थापत्य शैली को शामिल किया गया है। इससे जनक महल में धार्मिक आस्था के साथ शाही वैभव की झलक भी दिखाई देगी।
महल की सुंदरता को आकर्षक फव्वारों और रंग-बिरंगी रोशनी से और बढ़ाया जाएगा। रात के समय प्रकाश व्यवस्था और फव्वारों की सजावट जनक महल को खास आकर्षण प्रदान करेगी। आयोजन समिति का प्रयास है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मिथिला की धार्मिक परंपरा, राजस्थानी राजसी स्थापत्य और आधुनिक सजावट का अनूठा संगम देखने को मिले।
सात शिखरों पर लहराएंगे भगवा ध्वज
जनक महल की पहचान उसके सात भव्य शिखर होंगे। इन शिखरों पर लहराते भगवा ध्वज दूर से ही नजर आएंगे और पूरे जनकपुरी परिसर को धार्मिक वातावरण प्रदान करेंगे। 140 फीट की ऊंचाई के कारण यह महल आसपास की इमारतों से काफी ऊंचा दिखाई देगा और क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण बनेगा।
जनक महल के निर्माण के लिए कोलकाता से विशेष कारीगरों को बुलाया गया है। कारीगर महल की संरचना और सजावट को भव्य स्वरूप देने में जुटेंगे। भगवान श्रीराम, माता सीता और अन्य स्वरूपों के लिए बनाए जाने वाले स्थान को भी वाटरप्रूफ रखा जाएगा, ताकि बारिश के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
महल के निर्माण में विशेष केमिकल का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे बारिश का असर इसकी संरचना और सजावट पर कम पड़े। आयोजन समिति का उद्देश्य इस बार जनकपुरी महोत्सव को ऐसा भव्य स्वरूप देना है, जो धार्मिक आस्था के साथ आगरा की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत की भी शानदार झलक पेश करे।