मथुरा- वृंदावन में बारिश: बांकेबिहारी मार्ग हुआ जलमग्न, घुटनों तक पहुंचा पानी; धुल गए जन्माष्टमी के इंतजाम
मथुरा-वृंदावन में तेज बारिश के बाद बांके बिहारी मंदिर मार्ग समेत कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। जन्माष्टमी की तैयारियां भी प्रभावित हुईं।
मथुरा-वृंदावन। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले हुई तेज बारिश ने वृंदावन की व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली। करीब एक घंटे की बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। श्री बांके बिहारी मंदिर के मुख्य मार्ग समेत कई बाजार और चौराहे घुटनों तक पानी में डूब गए। दूषित पानी के बीच श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचना पड़ा, वहीं जलभराव के कारण कई मार्गों पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
बारिश ने जहां उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत दी, वहीं नगर की जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति भी सामने आ गई। जन्माष्टमी के लिए शहर में की गई तैयारियों के बीच अचानक हुए जलभराव से स्थानीय लोगों और बाहर से आए श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बांके बिहारी मार्ग समेत कई इलाके जलमग्न
बारिश के बाद श्री बांके बिहारी मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर पानी भर गया। श्रद्धालुओं को घुटनों तक भरे गंदे पानी से होकर मंदिर की ओर जाना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी मथुरा दरवाजा क्षेत्र में देखने को मिली, जहां पुलिस चौकी के सामने भारी जलभराव के कारण आवागमन काफी देर तक प्रभावित रहा।
इसके अलावा दाऊजी तिराहा, सीएफसी चौराहा, गोपीनाथ बाजार, केसी घाट तिराहा, रंगजी बाजार, विद्यापीठ चौराहा, गांधी मार्ग और हरि निकुंज चौराहा भी बारिश के पानी से प्रभावित रहे।
कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई और कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी देर की तेज बारिश के बाद ही सड़कों पर पानी भर जाना नगर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में मंदिरों तक जाने वाले प्रमुख रास्तों पर जलभराव ने चिंता बढ़ा दी है।
बांके बिहारी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। जलभराव के कारण स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पंप सेट लगाकर पानी निकालने का काम शुरू
जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम की टीम सक्रिय हो गई। नगर निगम के जलकल महाप्रबंधक अनवर ख्वाजा ने बताया कि जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों पर पंप सेट लगाए गए हैं।
शहर के पांच अति-संवेदनशील और संभावित जलभराव वाले स्थानों पर पंप सेट के माध्यम से पानी निकालने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जलभराव को जल्द से जल्द समाप्त करने और प्रभावित मार्गों को सामान्य करने के लिए टीमों को लगाया गया है।
बारिश ने जन्माष्टमी की तैयारियों पर फेरा पानी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृंदावन में प्रशासन और नगर निगम की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़कों की सफाई, जलनिकासी, बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था पर काम किया गया है।
शहर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, लेकिन तेज बारिश के बाद कई जगह इन व्यवस्थाओं के आसपास पानी भर गया। कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग और अन्य तैयारियां भी जलभराव से प्रभावित दिखाई दीं।
हालांकि नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचकर व्यवस्थाओं को दोबारा दुरुस्त करने में जुट गई हैं।
जन्माष्टमी से पहले जलनिकासी सबसे बड़ी चुनौती
मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी के दौरान देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यदि बारिश होती है तो जलभराव के कारण पैदल आवागमन, यातायात और मंदिरों तक पहुंचने की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना बेहद जरूरी है।
फिलहाल नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने और जन्माष्टमी से पहले व्यवस्थाओं को सामान्य करने में जुटी हैं। अब निगाह इस बात पर है कि आगामी बारिश के दौरान शहर की जलनिकासी व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है।