जनकपुरी महोत्सव 2026: पहली बार रामलीला में दिखेगी हरिद्वार की कांवड़ झांकी, उड़कर लंका पहुंचेंगे हनुमान
आगरा के जनकपुरी महोत्सव 2026 में पहली बार हरिद्वार की कांवड़ यात्रा की झांकी, स्टील वायर से उड़ते हनुमान, लंका दहन का मंचन और 6 अक्टूबर को माता सीता का भव्य डोला मुख्य आकर्षण होंगे।
आगरा: शहर की ऐतिहासिक जनकपुरी रामलीला इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम लेकर आ रही है। जनकपुरी महोत्सव 2026 में पहली बार हरिद्वार की कांवड़ यात्रा पर आधारित भव्य झांकी प्रस्तुत की जाएगी। वहीं अत्याधुनिक तकनीक की मदद से हनुमान जी के उड़कर लंका पहुंचने और लंका दहन का रोमांचक मंचन भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा।
आधुनिक तकनीक से जीवंत होगा रामायण का प्रसंग
रामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस बार रामलीला के मंचन को पहले से अधिक भव्य और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जा रहा है। बिजलीघर स्थित रामलीला मैदान में स्टील वायर तकनीक के जरिए हनुमान जी के स्वरूप को उड़ते हुए लंका पहुंचते और लंका दहन करते हुए दिखाया जाएगा।
इसके अलावा मंच पर विशेष प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक साउंड इफेक्ट्स और भव्य झांकियों के माध्यम से दर्शकों को ऐसा अनुभव देने की तैयारी है, जो उन्हें वर्षों तक याद रहेगा। राम बरात की झांकियों को भी इस बार विशेष रूप से आकर्षक बनाया जा रहा है। आयोजन समिति चांदी के रथ को अत्याधुनिक लाइटिंग से सजाने की योजना पर भी काम कर रही है।
पहली बार दिखेगी हरिद्वार की कांवड़ यात्रा की झांकी
इस वर्ष की सबसे बड़ी खासियत हरिद्वार की प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा पर आधारित झांकी होगी, जिसे पहली बार जनकपुरी रामलीला का हिस्सा बनाया जा रहा है। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली यह झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।
6 अक्टूबर को निकलेगा माता सीता का भव्य डोला
जनकपुरी महोत्सव के अंतर्गत 6 अक्टूबर को भावना एस्टेट स्थित श्री भावनेश्वर नाथ मंदिर से माता सीता का भव्य डोला निकाला जाएगा।
आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार के अनुसार, डोला भावना एस्टेट रोड, होली पब्लिक स्कूल रोड, गणपति आशियाना रोड, केके नगर, नीरव निकुंज रोड, शिवा कुंज और अमर विहार कॉलोनी सहित विभिन्न मार्गों से होकर मंदिर पहुंचेगा।
शोभायात्रा में आकर्षक धार्मिक झांकियां, भक्ति संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होंगे।
7 अक्टूबर को होगा सालिगराम-तुलसी विवाह
महोत्सव के दूसरे दिन 7 अक्टूबर को श्री भावनेश्वर नाथ मंदिर में भगवान सालिगराम और माता तुलसी का पारंपरिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ होने वाला यह आयोजन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।
तैयारियों का लिया गया जायजा
जनकपुरी आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने डोला मार्ग और आयोजन स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान सड़क व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, विद्युत सज्जा, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
निरीक्षण में संजय गोयल, मनोज बंसल, मनोज जादौन, राणा सुशील सिंह, संतोष कटारा, अंकुश मित्तल, आकाश गोयल, धर्मेश जैन सहित आयोजन समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं के लिए होगा यादगार आयोजन
आयोजन समिति का कहना है कि इस वर्ष का जनकपुरी महोत्सव पारंपरिक धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा। पहली बार शामिल की जा रही कांवड़ झांकी, स्टील वायर से उड़ते हनुमान का मंचन और भव्य राम बरात इस आयोजन को पहले से अधिक भव्य और यादगार बनाएंगे।