आगरा किला से राजगढ़ तक 1253 किमी की यात्रा, ‘गरुडझेप’ मुहिम में गूंजा जय शिवाजी
आगरा किला से राजगढ़ तक 1253 किमी लंबी ‘गरुडझेप’ मुहिम शुरू हुई। शिव चातुर्य दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अभिषेक किया गया और 100 धावक व 100 साइकिलिस्ट यात्रा पर रवाना हुए।
आगरा। आगरा किला पर सोमवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अभिषेक कर शिव चातुर्य दिवस मनाया गया। इस मौके पर आगरा से महाराष्ट्र के राजगढ़ तक 1253 किलोमीटर लंबी ‘गरुडझेप’ मुहिम का शुभारंभ किया गया। यात्रा में 100 धावक और 100 साइकिलिस्ट शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मराठी मावलों के ‘जय भवानी’ और ‘जय शिवाजी’ के जयघोष से आगरा किला परिसर गूंज उठा।
101 किलों के कुओं के जल से हुआ प्रतिमा का अभिषेक
आगरा किला के अमर सिंह गेट के सामने स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर विशेष अभिषेक किया गया। बताया गया कि शिवाजी महाराज के अधीन रहे 101 किलों में स्थित कुओं से लाए गए जल से प्रतिमा का अभिषेक किया गया। इसके बाद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में प्राचीन युद्ध कलाओं का रोमांचक प्रदर्शन भी हुआ। तलवारबाजी और लाठी कला के प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। युवाओं ने पारंपरिक युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर शिवाजी महाराज के शौर्य और युद्ध नीति की झलक प्रस्तुत की।
100 धावक और 100 साइकिलिस्ट हुए रवाना
शिव चातुर्य दिवस के अवसर पर शुरू हुई ‘गरुडझेप’ मुहिम में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों की 14वीं पीढ़ी के वंशजों के साथ 100 धावक और 100 साइकिलिस्ट शामिल हुए। यह यात्रा आगरा से शुरू होकर 1253 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए महाराष्ट्र के राजगढ़ तक पहुंचेगी।
छत्रपति शिवाजी महाराज 17 अगस्त 1666 को औरंगजेब की कैद से निकलने में सफल हुए थे। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में पिछले सात वर्षों से 17 अगस्त को शिव चातुर्य दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
तीन मंत्रियों ने किया मुहिम का शुभारंभ
‘गरुडझेप’ मुहिम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र के विपणन एवं राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल और रोजगार गारंटी योजना एवं बागवानी मंत्री भरतसेठ गोगावले ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया।
योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिवाजी महाराज का शौर्य, पराक्रम, वीरता और युद्ध कौशल युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इतिहास के महान योद्धाओं को सम्मान मिलना चाहिए और उनकी वीरगाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
महाराष्ट्र के मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के लिए नौ करोड़ रुपये की राशि देकर महाराष्ट्र और मराठी समाज के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।
17 अगस्त को शौर्य प्रेरणा दिवस बनाने की तैयारी
महाराष्ट्र सरकार की ओर से 17 अगस्त को शौर्य प्रेरणा दिवस के रूप में मनाने के लिए जल्द अध्यादेश जारी करने की बात भी कही गई। मंत्री भरतसेठ गोगावले ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के विचार और संघर्ष आज भी युवाओं को साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में यात्रा संयोजक मारुति आभा गोले, डॉ. वात्सल्य उपाध्याय, डॉ. सिमरन उपाध्याय, करण सिंह धाकड़, नितिन सुहानी, अखिलेश अग्रवाल और अभय पोताडे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
‘गरुडझेप’ मुहिम के जरिए आगरा और राजगढ़ के ऐतिहासिक संबंधों को जोड़ने के साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, साहस और ऐतिहासिक विरासत को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।