डीएम के सामने फफक पड़ी 70 साल की बुजुर्ग, बोलीं- ‘साहब! मैं कोर्ट क्यों जाऊं, आप किसलिए बैठे हैं?
आगरा में जनसुनवाई के दौरान 70 वर्षीय विनीता मित्तल डीएम के सामने फफक पड़ीं। किराएदार पर फ्लैट खाली न करने का आरोप लगाया। डीएम ने एसीपी और एसीएम को संयुक्त जांच के निर्देश दिए।
आगरा में जनसुनवाई के दौरान उस समय माहौल भावुक हो गया, जब 70 वर्षीय विनीता मित्तल अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल के सामने पहुंचीं। अपनी समस्या बताते-बताते वह फफक पड़ीं और बोलीं- “साहब, मैं क्यों लड़ूं मुकदमा... मैं क्यों जाऊं कोर्ट... आप अधिकारी किसलिए बैठे हैं?”
कलेक्ट्रेट स्थित डीएम के कक्ष में मनीष बंसल फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे। उनकी टेबल के एक ओर एडीएम सिटी और अन्य मजिस्ट्रेट मौजूद थे, जबकि दूसरी ओर एसडीएम बैठे थे। इसी दौरान अपनी बारी का इंतजार कर रहे फरियादियों के बीच विनीता की आवाज गूंज उठी।
विनीता अपने बेटे अनुराग के साथ डीएम के सामने पहुंचीं। डीएम ने उन्हें बैठने के लिए कुर्सी दी, लेकिन अपनी परेशानी बताते हुए वह भावुक हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जीवनभर की गाढ़ी कमाई से खरीदे गए उनके फ्लैट पर किराएदार ने कब्जा बनाए रखा है और एग्रीमेंट की अवधि समाप्त होने के बावजूद मकान खाली नहीं कर रहा है।
2023 में किराए पर दिया था फ्लैट
विनीता ने बताया कि वह जीवन रक्षा पदक से सम्मानित हैं। बेलनगंज के कचौड़ा बाजार स्थित बजरंग अपार्टमेंट में उनका फ्लैट नंबर-6 है। वर्ष 2023 में उन्होंने अपना टू-बीएचके फ्लैट तरुण गुप्ता को किराए पर दिया था। उनका आरोप है कि किराए की अवधि समाप्त होने के बाद भी किराएदार फ्लैट खाली नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा कि उनका बेटा नोएडा में नौकरी करता है और पति की तबीयत भी ठीक नहीं रहती। बुजुर्ग होने के कारण वह लगातार थाने और अधिकारियों के चक्कर लगाने में असमर्थ हैं। विनीता का कहना था कि पुलिस उन्हें कोर्ट जाने की सलाह दे रही है।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि “इस उम्र में मैं कोर्ट नहीं जाऊंगी। फ्लैट खाली कराने के लिए दर-दर भटकना मेरे लिए बेहद मुश्किल है।”
10 अगस्त तक फ्लैट खाली करने की दी थी सहमति
विनीता के बेटे अनुराग ने बताया कि अप्रैल में जब किराएदार से फ्लैट खाली करने के लिए कहा गया तो उसने इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार ने 27 मई को जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसका संदर्भ नंबर 40014626034163 है।
अनुराग के मुताबिक, थाना छत्ता के उपनिरीक्षक राजबाबू यादव ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर उनकी बात सुनी थी। इस दौरान किराएदार ने समय मांगा। पुलिस की मौजूदगी में एक एग्रीमेंट/अंडरटेकिंग तैयार की गई, जिसमें 10 अगस्त तक फ्लैट खाली करने की लिखित सहमति दी गई थी।
आरोप है कि तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी फ्लैट खाली नहीं किया गया। परिवार का कहना है कि किराएदार अब कथित तौर पर उन्हें कोर्ट जाने की बात कहकर टाल रहा है।
‘हिम्मत है तो मकान लेकर दिखाओ’
विनीता के बेटे का आरोप है कि फ्लैट खाली करने के लिए कहने पर किराएदार ने कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में कहा कि “हिम्मत है तो मकान लेकर दिखाओ, कोर्ट से खाली करा लो।”
परिवार का आरोप है कि पुलिस से शिकायत करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली। विनीता ने जनसुनवाई में यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस किराएदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
डीएम ने एसीपी और एसीएम को संयुक्त जांच के दिए निर्देश
मामले को लेकर जनसुनवाई के दौरान स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई। विनीता लगातार अपनी बात रखती रहीं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
वहीं, थाना छत्ता पुलिस की जांच रिपोर्ट में मामले को आपसी सहमति और सिविल प्रकृति का विवाद बताया गया है। इसके बाद विनीता की शिकायत पर डीएम मनीष बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके से ही पुलिस अधिकारी से बात की।
डीएम ने एसीपी और एसीएम को संयुक्त रूप से मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। अब बुजुर्ग महिला और उनके परिवार को उम्मीद है कि जांच के बाद उनकी समस्या का समाधान होगा और उन्हें इस उम्र में न्याय के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया में नहीं उलझना पड़ेगा।