सपा MLC के रोने के बाद पुनर्मतदान की सिफारिश:आगरा में 3 बूथों पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था, DM ने दोबारा वोटिंग की संस्तुति की
आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में बूथ संख्या 20, 21 और 26 पर दोबारा मतदान कराने की संस्तुति की गई है। डीएम मनीष बंसल ने निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा है। सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने मतदान के दौरान गड़बड़ी और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए थे। अब पुनर्मतदान पर आयोग के फैसले का इंतजार है।
आगरा में शिक्षक एमएलसी चुनाव के बूथ संख्या 20, 21 और 26 पर पुनर्मतदान का प्रस्ताव, डीएम ने निर्वाचन आयोग को भेजा पत्र; सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल के आरोपों के बाद फैसले पर नजरें
आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान के दौरान गड़बड़ी के आरोपों के बीच तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बूथ संख्या 20, 21 और 26 पर पुनर्मतदान कराने का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा है। अब संबंधित बूथों पर दोबारा मतदान होगा या नहीं, इसका फैसला निर्वाचन आयोग करेगा।
इन तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की संस्तुति के बाद चुनावी हलचल बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी और मौजूदा एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग, समर्थकों को परेशान करने और अधिकारियों पर अभद्रता के आरोप लगाए थे। शिकायतों को लेकर वह मंडलायुक्त से मिलने भी पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए और उन्होंने अपने साथियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
इन तीन बूथों पर पुनर्मतदान का प्रस्ताव
जिलाधिकारी की ओर से निर्वाचन आयोग को भेजे गए प्रस्ताव में तीन मतदान केंद्र शामिल हैं।
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बूथ संख्या 20: खेरागढ़ तहसील परिसर के कक्ष संख्या एक में मतदान केंद्र।
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बूथ संख्या 21: सैंया क्षेत्र पंचायत कार्यालय के कक्ष संख्या एक में मतदान केंद्र।
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बूथ संख्या 26: फतेहाबाद क्षेत्र पंचायत कार्यालय के कक्ष संख्या एक में मतदान केंद्र।
इन बूथों पर पुनर्मतदान कराने की संस्तुति के बाद अब निर्वाचन आयोग के निर्णय का इंतजार है। आयोग की मंजूरी मिलने पर ही दोबारा मतदान की स्थिति और कार्यक्रम स्पष्ट होगा।
आकाश अग्रवाल ने लगाया था बूथ कैप्चरिंग का आरोप
शुक्रवार को आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान हुआ। मतदान के दौरान सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने कुछ केंद्रों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे।
आकाश अग्रवाल का आरोप था कि खेरागढ़ में पीठासीन अधिकारी के खाना खाने के दौरान मतदाताओं को बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने अन्य मतदान केंद्रों पर भी बूथ कैप्चरिंग की शिकायत की थी। उनका कहना था कि उनके समर्थकों और उनसे जुड़े स्कूल प्रबंधकों को परेशान किया जा रहा है।
दोपहर करीब तीन बजे वह शिकायत लेकर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप से मिलने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों पर चुनाव के दौरान उनके समर्थकों के साथ अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
मीडिया के सामने भावुक हुए सपा प्रत्याशी
चुनाव के दौरान अपने समर्थकों और स्कूल प्रबंधकों को परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए आकाश अग्रवाल मीडिया के सामने भावुक हो गए थे। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के कारण उनके साथियों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें एमएलसी बनने का लालच नहीं है और वह अपने शिक्षकों व समर्थकों के साथ खड़े रहेंगे। आकाश अग्रवाल ने अधिकारियों पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके साथियों को परेशान करने के बजाय शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
उनके बयानों और भावुक प्रतिक्रिया के बाद शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई थी।
2020 में निर्दलीय जीतकर बने थे एमएलसी
डॉ. आकाश अग्रवाल ने वर्ष 2020 में आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उन्हें 6,690 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी दिनेश चंद्र वशिष्ठ को 4,314 वोट प्राप्त हुए थे। इस तरह आकाश अग्रवाल ने 2,376 वोटों से जीत दर्ज की थी।
वर्ष 2026 के चुनाव में वह भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने हरिकिशोर तिवारी को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद आकाश अग्रवाल समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया।
आकाश अग्रवाल शिक्षकों के मानदेय, कैशलेस इलाज और पुरानी पेंशन बहाली जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं।
यूपी की 11 एमएलसी सीटों पर हुआ मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश में कुल 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए जाने हैं।
मतदान के दौरान वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, बरेली और जालौन समेत कई शहरों से हंगामे और विवाद की खबरें सामने आईं। प्रतापगढ़ के लक्ष्मणपुर ब्लॉक में मतदान के बाद बैलेट बॉक्स की पैकिंग के दौरान एजेंटों ने दरवाजा बंद किए जाने का विरोध किया।
आगरा शिक्षक एमएलसी चुनाव में तीन बूथों पर पुनर्मतदान की संस्तुति के बाद अब सभी की निगाहें भारत निर्वाचन आयोग के फैसले पर टिकी हैं। आयोग का निर्णय ही तय करेगा कि इन मतदान केंद्रों पर दोबारा वोट डाले जाएंगे या मौजूदा मतदान के आधार पर ही आगे की चुनावी प्रक्रिया पूरी होगी।