आगरा में भाजपा सांसद-विधायक के समर्थकों में विवाद:सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आमने-सामने आए दोनों गुट, एक-दूसरे ने कराई FIR
आगरा में भाजपा नेताओं के समर्थकों के बीच विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए। पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आगरा। आगरा में भाजपा के प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान और एत्मादपुर विधायक धर्मपाल सिंह के समर्थकों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र में दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच लंबे समय से गुटबाजी की चर्चा होती रही है। रामप्रताप सिंह चौहान के राज्यसभा सांसद बनने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ने की बात सामने आई है। हालांकि, दोनों पक्षों ने अपनी शिकायतों में घटना के अलग-अलग कारण बताए हैं।
कालिंदी प्लाजा के पास मारपीट का आरोप
पुलिस के अनुसार, शिवा स्टेट कॉलोनी, कालिंदी विहार निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शिकायत दर्ज कराई है कि शनिवार शाम करीब पांच बजे वह लायर्स कॉलोनी से लौट रहे थे। इसी दौरान कालिंदी प्लाजा के पास उनकी मुलाकात सौरभ ठाकुर और उनके तीन अन्य साथियों से हुई।
लोकेंद्र का आरोप है कि सौरभ ठाकुर और उनके साथियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और उनकी गाड़ी का पीछा किया। पुलिस ने शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की है।
दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराई शिकायत
पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रकाश नगर निवासी सौरभ ठाकुर ने भी पुलिस को तहरीर दी। उनका कहना है कि कालिंदी विहार जाते समय जाम में उनकी गाड़ी लोकेंद्र सिंह की कार से टच हो गई थी। इसी बात को लेकर लोकेंद्र ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
सौरभ ने अपनी शिकायत में लोकेंद्र पर वसूली करने का आरोप भी लगाया है। इसके बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी क्रॉस एफआईआर दर्ज की।
पुलिस कर रही दोनों पक्षों के आरोपों की जांच
मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस शिकायतों, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह और घटना से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।